कीर्ति नगर और करोल बाग इलाके में बेटा पैदा कराने की गारंटी देने वाले आईवीएफ सेंटर व उसके कॉल सेंटर मामले की जांच अब दिल्ली पुलिस की अपराध शाखा करेगी। लोकल पुलिस ने केस के सभी कागजात शाखा को सौंप दिए हैं। पुलिस मामले की नए सिरे से जांच करेगी। छानबीन में पता चला है कि आरोपियों के कॉल सेंटर से देशभर के करीब 100 आईवीएफ सेंटर जुड़े थे। देशभर की महिलाएं इस सेंटर की सेवाएं ले रही थीं। मुख्य आरोपी आईआईटी इंजीनियर विकास कामत अभी फरार है।
पुलिस के मुताबिक, करोल बाग के कॉल सेंटर से करीब 100 लैपटॉप, कई कंप्यूटर, मोबाइल व अन्य सामान बरामद हुआ था। कई कंप्यूटर में कॉलर से बातचीत की रिकॉर्डिंग भी है। ऐसे में इन कंप्यूटर से अहम सुराग मिल सकते हैं। छानबीन में पता चला है कि आरोपियों का करोल बाग वाला कॉल सेंटर देशभर के 100 से अधिक आईवीएफ सेंटर के संपर्क में था। देशभर की महिलाएं उनसे संपर्क करती थीं।
नौ लाख रुपये में ये लोग बेटा पैदा होने की गारंटी देकर महिलाओं को विदेश भेजते थे। पुलिस के मुताबिक, यह धंधा करीब दो साल से चल रहा था। बता दें कि दिल्ली सरकार के स्वास्थ्य विभाग और पुलिस की टीम ने कीर्ति नगर और करोल बाग में छापेमारी कर इस धंधे का भंडाफोड़ किया था। इसमें कर्मचारियों की तादाद सैकड़ों में थी।