उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया ने कहा कि यह हमारे लिए सौभाग्य की बात है कि हम ऐसे समय में जी रहे हैं, जब भारत 75 साल का हो रहा है। जब एक शिक्षा मंत्री अच्छे स्कूल बनवाता है, जब एक अधिकारी अपने काम को अच्छे से करता है तो तिरंगा शान से लहराता है। आ रही रवि की सवारी समारोह की शुरुआत में राष्ट्रीय पुरस्कार विजेता व मोटिवेशनल आशीष विद्यार्थी की बुलंद आवाज में रिकॉर्डेड प्रसिद्ध कविता ‘आ रही रवि की सवारी’ प्रस्तुत की गई।
आस्कर व ग्रैमी अवार्ड विजेता सुखविंदर सिंह ने शहीद-ए-आजम सरदार भगत को याद करते हुए ‘पगड़ी संभाल जट्टा’ गीत की लाइव प्रस्तुति दी। गीतिका गंजू ने स्वतंत्रता आंदोलन के प्रसिद्ध कवि पंडित सोहनलाल द्विवेदी की कविता ‘हिम्मत करने वालों की कभी हार नहीं होती’ को अपनी आवाज देकर सभी को मुसीबतों से लड़कर आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया। प्रसिद्ध भजन गायिका आशीष कौर ने ‘रघुपति राघव राजा राम’ भजन गाकर आजादी की लड़ाई में राष्ट्रपिता महात्मा गांधी के संघर्ष और बलिदान को याद किया। आशीष विद्यार्थी की आवाज में रिकॉर्डेड हरिवंश राय बच्चन की कविता ‘रुके न तू, झुके न तू,’ कविता प्रस्तुत किया गया।
आजादी के रंगों से राजधानी सराबोर
आजादी की 75 वीं वर्षगांठ पर दिल्ली सफर के दौरान हर घर, सड़कों और वाहनों में तिरंगा नजर आया। सफर में अगर वाहन नहीं मिला तो जश्न मनाने का जुनून रखने वाले पैदल ही निकल पड़े। खासतौर पर लालकिला और आसपास के क्षेत्र में एक-एक फीट की दूरी पर तिरंगा के साथ वाहनों का काफिला पूरे दिन गुजरता रहा।
मेट्रो स्टेेेशन के बाहर बनी आकृतियों के साथ सेल्फी लेने वालों को भीड़ रही तो चांदनी चौक समेत दिल्ली की तमाम गलियां आजादी के जश्न के तिरंगे में लिपटी रहीं। चांदनी चौक पर आजादी के अमृत महोत्सव पर फूलों से सजे बोर्ड के जरिये संदेश दिया गया। देश की आजादी के लिए सर्वस्व बलिदान करने वाले सेनानियों की कहानी जीवंत होती दिखीं।
ताउम्र देश के शहीदों को रखूंगा याद
ऑटो चालक राजकुमार चड्ढा ने बताया कि पिछले दो दिन से मैं पुरानी दिल्ली इलाके में तिरंगा के साथ घूम रहा हूं। इस दौरान कमाई नहीं कर रहा हूं।
छह महीने में कार को कर दिया तिरंगामय
मुंबई से नौ अगस्त को तिरंगा यात्रा पर रवाना हुई बीना शाह ने बताया कि आजादी का अमृत महोत्सव उनके लिए बेहद खास है। शनिवार को दिल्ली पहुंचने से पहले कई शहरों से होकर आईं। रास्ते में जो मिला उसे तिरंगा बांटते हुए आजादी के जश्न में सभी को एकसूत्र में पिरोने की कोशिश की। बकौल बीना शाह ने बताया कि देशभक्ति का जज्बा रखने वाले सभी देशवासियों को सलाम है। देश के लिए त्याग करने वालों के लिए आजादी के सही मायने बताने की कोशिश की है। लाल किला के बाहर अपनी होंडा सिटी में बैठी बीना शाह ने पिछले छह महीने से अपनी कार में बैज लगाने के साथ इसके उपरी हिस्से को भी घूमने के लायक बनाया।