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नई आफत: दिल्ली में अब काली खांसी से परेशान लोग, जूफा औषधि आराम दिलाने में निभा सकती है अहम भूमिका

Sat, 13 Nov 2021 12:33 AM IST
Vikas Kumar परीक्षित निर्भय, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने कहा कि खांसी के साथ छाती में दर्द और भारीपन जैसे लक्षण गंभीर हो सकते हैं। इस मौसम में सिगरेट इत्यादि का सेवन नहीं करना चाहिए।
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प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : iStock
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विस्तार
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दिल्ली की आबोहवा पूरी तरह से प्रदूषण की चपेट में है। इसकी वजह से लोगों को काली यानी सूखी खांसी हो रही है। घर या ऑफिस में बैठे-बैठे भी लोग दिन में करीब 20 से 25 बार खांस रहे हैं। ऐसे में स्वास्थ्य विशेषज्ञों का कहना है कि आयुर्वेद में जूफा औषधि काली खांसी से बचाव करने में अहम भूमिका निभा सकती है। इससे निर्मित जूफेक्स फोर्टे का सेवन गुनगुने पानी के साथ किया जा सकता है। 

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जानकारी के अनुसार पिछले तीन दिन में प्रदूषण का स्तर 400 से भी ऊपर के स्तर पर पहुंच चुका है वहीं अस्पतालों में इसके चलते सूखी खांसी और छाती में दर्द को लेकर लोग पहुंच रहे हैं। सफदरजंग अस्पताल के डॉ. जुगल किशोर ने बताया कि प्रदूषण का स्तर राजधानी में लगातार देखने को मिल रहा है। वहीं उत्तरी दिल्ली नगर निगम के अधीन पंचकर्मा आयुर्वेद अस्पताल के चिकित्सा अधीक्षक डॉ. आरपी पाराशर का कहना है कि जूफा औषधी के जरिए सूखी खांसी से आराम मिल सकता है। यह खांसी ठीक करने के साथ-साथ रोग प्रतिरोधक क्षमता भी बढ़ाता है।

इनके अलावा नई दिल्ली के सरिता विहार स्थित अखिल भारतीय आयुर्वेद आयुर्विज्ञान संस्थान (एआईआईए) के वरिष्ठ डॉ. शांतनु बताते हैं कि जूफा के साथ तुलसी, भृंगराज जैसी जड़ी बूटियों से कफ या फिर सूखी खांसी से बचाव किया जा सकता है। चूंकि इनका अलग अलग सेवन करना किसी के लिए भी संभव नहीं है। ऐसे में जुफेक्स फोर्टे का सेवन किया जा सकता है। इसके अलावा घर पहुंचने पर नमक के पानी से गरारे और रात में गरम दूध का सेवन भी करना चाहिए। 
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दरअसल दिल्ली-एनसीआर में सात दिन तक बेहद खराब बनी हुई है। शुक्रवार की ही बात करें तो दिल्ली में वायु प्रदूषण 450 से भी अधिक दर्ज किया गया है। दिल्ली के अलावा गाजियाबाद, ग्रेटर नोएडा और नोएडा में हालात दिल्ली से भी बदतर रहे। ऐसे में डॉक्टरों की सलाह है कि लोगों को इससे बचाव के लिए सतर्कता बरतनी जरूरी है। घर से बाहर निकलते वक्त मुंह पर मास्क इत्यादि लगाकर जरूर रखें। साथ ही घर वापस जाने के बाद गुनगुने पानी से गरारे जरूर करना चाहिए। इस गुनगुने पानी में एक चुटकी नमक भी डाल लें। साथ ही जलनेति इत्यादि के जरिए भी बचाव किया जा सकता है।

डॉ. जुगल किशोर ने बताया कि मरीज सूखी खांसी से परेशान हैं, इनमें से ज्यादात्तर लोग वहीं हैं जिनका वास्ता दिल्ली की खुली हवा से ज्यादा रहता है। इन्हें दोपहिया वाहनों पर नौकरी के चलते फील्ड जॉब करनी पड़ रही है। उन्होंने बताया कि अगर तीन दिन तक खांसी से आराम नहीं मिल रहा है तो लोगों को तत्काल चिकित्सीय सलाह लेनी चाहिए। डॉ. किशोर ने ये भी कहा कि इस मौसम में सिगरेट इत्यादि का सेवन भी नहीं करना चाहिए।

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