नई दिल्ली। ऊर्जा मंत्री सत्येंद्र जैन ने शुक्रवार को मालवीय नगर के शिवालिक में 100 किलोवाट (पीक) क्षमता वाले दिल्ली के पहले माइक्रो-ग्रिड सौर स्टेशन का उद्घाटन किया। इस मौके पर 460 किलोवाट प्रति घंटे की क्षमता वाले चार्जिंग स्टेशन की भी शुरुआत की गई। इससे सालाना 115 टन कार्बन डाईआक्साइड के उत्सर्जन की भरपाई होगी। दिल्ली विद्युत नियामक आयोग (डीईआरसी) के अध्यक्ष व पूर्व न्यायमूर्ति शबीहुल हसनैन, जर्मनी सरकार और भारत के नवीन व नवीकरणीय ऊर्जा मंत्रालय (एमएनआरई) के अधिकारी भी उपस्थित रहे।
पायलट प्रोजेक्ट के आधार पर शुरू हुई इस स्मार्ट पावर ग्रिड सिस्टम को शिवालिक ग्रिड परिसर में लगाया गया है। अत्याधुनिक पावर ग्रिड से अधिक मांग और पीक लोड सहित 24 घंटे बिजली की आपूर्ति की जा सकेगी।
ऊर्जा मंत्री ने कहा कि दिल्ली सरकार इस तकनीक को राजधानी की दूसरी जगहों पर भी अपनाएगी। इस परियोजना में सहयोग के लिए जर्मनी की सरकार का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि इससे हमें भी काफी कुछ सीखने का मौका मिलेगा। ऊर्जा के क्षेत्र प्रयोग जारी रहेगा और इसे आगे बढ़ाएंगे। इस ग्रिड की गुणवत्ता उच्च स्तरीय है। यह सौर पैनल और चार्जिंग स्टेशन ऊर्जा कुशल होने के साथ-साथ समय की बारीकी का भी ध्यान रखते हैं। इस ग्रिड का उपयोग दिल्ली की ऊर्जा प्रणाली को और बेहतर बनाने के लिए करेंगे।
बढ़ेगी ग्रिड की क्षमता
ऊर्जा मंत्री ने कहा कि इस ग्रिड की क्षमता को बढ़ाने का प्रयास करेंगे। अगर अलग-अलग जगहों पर 10-20 मेगावाट की क्षमता वाले ऐसे ग्रिड स्थापित किए जाएं तो 600-800 मेगावाट तक प्राप्त किया जा सकता है। दिल्ली सरकार इसे आगे बढ़ाने के लिए हरसंभव कोशिश कर रही है। यह स्मार्ट माइक्रो-पावर ग्रिड दिल्ली के ऊर्जा तंत्र को और मजबूत करेगी।
100 किलोवाट पीक के लगे हैं सोलर पैनल
यह पावर ग्रिड दूसरे ग्रिड से अलग है। बिजली उत्पादन के लिए इस ग्रिड में सौर पैनलों का उपयोग किया जा रहा है। इसमें 460 किलोवाट प्रति घंटे की उच्च क्षमता वाली बैटरियां लगी हुई हैं। इस ग्रिड में 100 किलोवाट-पीक (केडब्ल्यूपी) के सौर पैनल लगाए गए हैं। किलोवाट-पीक (केडब्ल्यूपी) वह दर है, जिस पर सौर पैनल से सर्वाधिक सौर ऊर्जा पैदा होती है।