नई दिल्ली। आईआईटी में अब छोटी-सी चूक से भी विद्यार्थी सीट से वंचित हो सकते हैं। आईआईटी बांबे में पिछले साल आगरा के सिद्धांत बत्रा (जेईई एडवांस्ड 2020 में 270वीं रैंक) मामले से सबक लेते हुए इस बार ज्वाइंट सीट एलोकेशन अथॉरिटी (जोसा-2021) में काउंसलिंग के फाइनल राउंड से पहले दो मॉक सीट अलॉटमेंट राउंड होंगे। जोसा पोर्टल पर पहला राउंड 27 को है, लेकिन उससे पहले 22 और 24 अक्तूबर को मॉक सीट अलॉटमेंट राउंड होंगे। किसी छात्र ने गलती की होगी तो पता चल जाएगा।
सभी 23 आईआईटी, 31 एनआईटी, 26 आईआईआईटी, आईआईईएसटी शिवपुर समेत 114 केंद्रीय शिक्षण संस्थानों में बीटेक दाखिले की सीट जोसा से मिलेगी। इसके लिए जोसा पोर्टल पर ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन विंडो खुल गई है। आईआईटी प्रबंधन ने पिछले साल से सबक लेकर इस बार बड़े बदलाव किए हैं। कोशिश है कि किसी भी छात्र की गलती का प्रभाव उसके भविष्य पर न पड़े। मॉक सीट अलॉटमेंट के अलावा काउंसलिंग के हर राउंड के बाद छात्रों को विशेषज्ञ दिक्कतों का समाधान सुझाएंगे।
जम्मू-कश्मीर से लद्दाख अब पूरी तरह अलग हो गया है। लद्दाख अब केंद्र शासित प्रदेश है। वहां अभी कोई एनआईटी नहीं है, इसीलिए श्रीनगर स्थित एनआईटी की बीटेक कोर्स की पांच फीसदी सीट लद्दाख के छात्रों के लिए आरक्षित होंगी। 50 फीसदी सीट होम स्टेट जम्मू-कश्मीर के छात्रों के लिए आरक्षित हैं।
एनआईटी दिल्ली में चंडीगढ़ के छात्रों के लिए 50 फीसदी सीट आरक्षित हैं। दरअसल चंडीगढ़ केंद्र शासित प्रदेश है। इसलिए एनआईटी दिल्ली में चंडीगढ़ के छात्रों के लिए होम स्टेट कोटा लागू होता है।
जोसा-2021 में आईआईटी में दाखिले के लिए सिर्फ छह राउंड होंगे। इसमें पहले दो मॉक सीट अलॉटमेंट राउंड होंगे। इनमें सामान्य राउंड की तरह छात्र की रैंक और च्वाइस के आधार पर आईआईटी व कोर्स अलॉट होंगे। हालांकि इसमें सिर्फ तैयारी जांची जाएगी। 27 अक्तूबर से काउंसलिंग का पहला राउंड शुरू होगा। 20 नवंबर को काउंसलिंग का छठा और आखिरी राउंड होगा। हर राउंड के बीच पांच दिन का समय रहेगा। एनआईटी, आईआईआईटी समेत अन्य 114 केंद्रीय शिक्षण संस्थानों में कोई सीट खाली रहती है तो फिर स्पेशल ड्राइव हो सकती है। हालांकि 17 नवंबर को आईआईटी में दाखिले की विंडो बंद हो जाएगी।