नई दिल्ली। हाईकोर्ट ने अगस्ता वेस्टलैंड हेलीकॉप्टर खरीद मामले में आरोपी ब्रिटिश नागरिक क्रिश्चियन मिशेल की जमानत याचिका पर सीबीआई एवं ईडी से जवाब मांगा है। इससे पहले राउज एवेन्यू कोर्ट ने 18 जून को मिशेल को जमानत देने से इनकार कर दिया था।
न्यायमूर्ति मनोज कुमार ओहरी ने मामले की सुनवाई 11 अक्टूबर तय की है। साथ ही मिशेल को अतिरिक्त दस्तावेज जमा करने के लिए समय प्रदान कर दिया।
याचिकाकर्ता मिशेल ने कहा कि उसकी नजरबंदी और हिरासत गैरकानूनी है। वह पहले ही इसी तरह के आरोपों से इटली की अदालतों से बरी हो चुके हैं। याची के अधिवक्ता ने कहा कि उनके मुवक्किल से दोनों जांच एजेंसियों ने करीब छह सौ घंटे पूछताछ की है। उसने इस मामले में दुबई की जेल में दो वर्ष और चार महीने से अधिक समय बिताया है।
मिशेल के खिलाफ आरोपपत्र वर्ष 2017 में दाखिल किया गया था। इसके बाद उसे दुबई से प्रत्यर्पित किए जाने के बाद 4 दिसंबर 2018 को गिरफ्तार किया गया था। उसके खिलाफ 24 सितंबर 2015 को गैर जमानती वारंट जारी किया गया था। वीवीआईपी हेलीकॉप्टर घोटाले में हुए अवैध लेन-देन के लिए उसे कथित तौर पर बिचौलिया करार दिया गया है।
सीबीआई ने आरोप लगाया है कि 556.262 मिलियन यूरो के वीवीआईपी हेलीकॉप्टरों की आपूर्ति के लिए 8 फरवरी, 2010 को हस्ताक्षरित सौदे में सरकारी खजाने को 398.21 मिलियन यूरो (लगभग 2666 करोड़ रुपये) का अनुमानित नुकसान हुआ था।
इसके बाद प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने मिशेल के खिलाफ आरोप पत्र दाखिल किया था। आरोप है कि अगस्ता वेस्टलैंड से मिशेल को 30 करोड़ यूरो (करीब 225 करोड़ रुपये) मिले थे।