उच्च न्यायालय ने हाल ही में आदेश दिया था कि जो कोई भी सार्वजनिक स्थान पर अतिक्रमण कर रहा है, उसे हटाया जाना चाहिए और इसकी अनुमति नहीं दी जा सकती है कि बाजारों में पूरे फुटपाथ अतिक्रमण से भरे रहें व लोगों के चलने के लिए कोई जगह न हो। अदालत ने नगर निगम को स्ट्रीट वेंडिंग प्लान तैयार करने को भी कहा था।
28 फरवरी से पहले सीसीटीवी लगाने पर सकारात्मक कदम उठाने के निर्देश
अदालत ने दिल्ली पुलिस को 28 फरवरी से पहले चांदनी चौक इलाके में सीसीटीवी कैमरे लगाने पर सकारात्मक कदम उठाने का भी निर्देश दिया था। अदालत ने स्पष्ट किया था कि यदि ऐसा नहीं हुआ तो अगली सुनवाई को दिल्ली पुलिस के आयुक्त सुनवाई में मौजूद रहेंगे। अदालत ने यह भी कहा था कि वे नहीं चाहते कि इन सभी गरीब लोगों को दूर किया जाए लेकिन एक योजना के साथ चीजों को ठीक से किया जाना चाहिए।
अदालत ने निर्देश दिया था कि शाहजनाबाद पुनर्विकास निगम, दिल्ली स्कूल ऑफ प्लानिंग और आईआईटी दिल्ली से तुरंत स्ट्रीट वेंडिंग योजना तैयार करने से संबंधित मामले में विशेषज्ञों को नामित किया जाए। अधिवक्ता रैली ने कहा कि अदालत के बार-बार के निर्देशों के बावजूद दिल्ली पुलिस ने अभी तक इलाके और रास्ते में अतिक्रमण की जांच के लिए 330 सीसीटीवी कैमरे नहीं लगाए और यह अधिकारियों का आकस्मिक दृष्टिकोण रहा है।