नई दिल्ली। उच्च न्यायालय ने कहा कि फूलों के आयात के लिए उत्तर भारत में भी एक हवाई अड्डे का चयन किया जाना चाहिए। मात्र चेन्नई हवाई अड्डे से पूरे भारत में व्यवसाय करना संभव नहीं है। अदालत ने केंद्र सरकार को आठ सप्ताह में इस मामले पर विचार करने का निर्देश दिया है। समूचे देश में फूलों के आयात के लिए फिलहाल चेन्नई हवाई अड्डे को निर्धारित किया गया है।
न्यायमूर्ति डी एन पटेल और न्यायमूर्ति प्रतीक जालान की पीठ ने कहा कि सरकार को ध्यान रखना चाहिए कि महामारी की मौजूदा स्थिति का कारोबार पर असर नहीं पड़े। अदालत ने ताजा फल, फूलों एवं सब्जियों के कारोबारियों का प्रतिनिधित्व करने वाले संगठन की याचिका पर सुनवाई के दौरान यह आदेश दिया।
संगठन ने विदेश व्यापार महानिदेशालय (डीजीएफटी) द्वारा नौ जुलाई को जारी उस अधिसूचना को चुनौती दी थी जिसमें सिर्फ चेन्नई हवाई अड्डे से फूलों के आयात की अनुमति दी गई थी। संगठन की ओर से पेश अधिवक्ता ने कहा कि पहले इस मुद्दे को लेकर सरकार से गुजारिश की थी लेकिन इस पर कोई फैसला नहीं किया गया। इस अधिसूचना से पहले फूलों के आयात पर किसी तरह की कोई पाबंदी नहीं थी।
खंडपीठ ने याचिका का निपटारा करते हुए कहा सरकार को संगठन के सदस्यों की दशा को ध्यान में रखते हुए और तार्किक आधार पर ऐसी अधिसूचना जारी करना चाहिए। यह सुनिश्चित किया जाए कि किसी का कारोबार प्रभावित नहीं हो।