नई दिल्ली। उच्च न्यायालय ने विशेष शिक्षकों की भर्ती न करने पर साउथ एमसीडी के प्रति नाराजगी जताई है। अदालत ने चार सप्ताह के भीतर विशेष शिक्षकों के 1132 पदों पर नियुक्ति की मांग डीएसएसबी को भेजने का निर्देश दिया है। न्यायमूर्ति संजीव सचदेव ने याचिकाकर्ता सोशल ज्यूरिस्ट के अधिवक्ता अशोक अग्रवाल के तर्क सुनने के बाद यह निर्देश दिया।
उन्होंने तर्क रखा कि वर्षों से यह याचिका विचाराधीन है लेकिन अभी तक दिल्ली सरकार व एमसीडी के स्कूलों में विशेष शिक्षकों की नियुक्ति नहीं हुई। उन्होंने कहा कि एमसीडी स्कूलों में विशेष शिक्षकों की भर्ती में जानबूझकर देरी करके एमसीडी हजारों दिव्यांग छात्रों की शिक्षा की कीमत पर पैसे बचा रही है । अदालत ने मामले की अगली सुनवाई 3 मार्च को तय की है।
दिल्ली सरकार व एमसीडी के स्कूलों में दिव्यांग बच्चों को उचित शिक्षा दिलवाने के लिए विशेष शिक्षकों की भर्ती के लिए वर्ष 2001 में याचिका दायर की गई थी। अदालत ने कई बार इस मुद्दे पर आदेश जारी किए लेकिन शिक्षकों की भर्ती न होने पर कई बार अवमानना याचिका दायर की गई। हर बार सरकार जल्द भर्ती का आश्वासन देते रहे है। वर्तमान में दिल्ली सरकार व तीनों एमसीडी में विशेष शिक्षकों के पद रिक्त हैं।