मंडी के बाहर वाहनों की कतार...
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कोरोना वायरस के संक्रमण से बचने के लिए सरकार ने लॉकडाउन लागू किया है लेकिन राजधानी की आजादपुर मंडी में सोशल डिस्टेंसिंग का पालन नहीं किया रहा है। यह हालात तब हैं जब भीड़ से बचने के लिए सरकार ने मंडी को 24 घंटे खुलवा रखा है।
बुधवार को मंडी में सुबह-सुबह लोगों की जबरदस्त भीड़ जमा हुई जबकि मंगलवार को ही 57 साल के सब्जी कारोबारी की कोरोना से मौत होने की पुष्टि हुई। बाजार खुलने के समय को लेकर भी आढ़तियों की परेशानी है।
दरअसल, फल मार्केट रात 2 बजे से सुबह 6 बजे तक खुल रही है। दिन में रेहड़ी-पटरी लगाने वाले देर रात को फल खरीदने पहुंच जाते हैं। वो चाहते हैं कि जल्दी फल लेकर बाहर निकलें ताकि सुबह-सुबह ताजे फल की बिक्री हो सके। इसके बाद सब्जी बिकनी शुरू होती है। इस दौरान छोटे-बड़े ट्रकों के साथ ही मजदूरों, खरीदारों तथा विक्रेताओं की भारी भीड़ जमा हो जाती है।
मंडी के चुने हुए पदाधिकारी अनिल मल्होत्रा का कहना है कि लॉकडाउन जब से शुरू हुआ तब से सोशल डिस्टेंसिंग का पालन नहीं हो रहा है। सफाई की भी व्यवस्था नहीं है। दिल्ली सरकार की सभी योजनाएं नाकाम हो रही हैं।
चिंता यह है कि यहां संक्रमण फैला तो स्थिति भयावह हो सकती है। व्यापारी हरवीर सिंह ने बताया कि संक्रमण यहां तेजी से फैलने की उम्मीद है। व्यापारियों, आढ़तियों व मजदूरों की कोरोना जांच होनी चाहिए। मंडी ऐसी जगह है जहां कई जगहों से लोग आते हैं। मंगलवार को व्यापारी की मौत के बाद लोग और सहमे हुए हैं।