न्यायमूर्ति सिद्धार्थ मृदुल और न्यायमूर्ति अनूप कुमार मेंदीरत्ता की पीठ ने कहा कि दोषी को निचली अदालत से प्रदान सजा की पुष्टी व अरिज खान द्वारा मृत्युदंड के खिलाफ दायर अपील पर एक साथ की जाएगी।
उच्च न्यायालय ने सोमवार को सनसनीखेज 2008 बाटला हाउस मुठभेड़ मामले में फांसी की सजा पाए दोषी अरिज खान की अपील पर सुनवाई 21 मार्च तय की है। उस पर दिल्ली पुलिस के इंस्पेक्टर मोहन चंद शर्मा की हत्या का आरोप है।
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न्यायमूर्ति सिद्धार्थ मृदुल और न्यायमूर्ति अनूप कुमार मेंदीरत्ता की पीठ ने कहा कि दोषी को निचली अदालत से प्रदान सजा की पुष्टी व अरिज खान द्वारा मृत्युदंड के खिलाफ दायर अपील पर एक साथ की जाएगी। पीठ ने साथ ही दोषी को मौत की सजा के संदर्भ में नोटिस जारी किया है। निचली अदालत किसी भी मामले में दोषी को मौत की सजा सुनाती है, तो उसके फैसले की जांच उच्च न्यायालय द्वारा मौत की सजा की पुष्टि के लिए दलीलें सुनकर की जाती हैं।
अदालत ने उच्च न्यायालय रजिस्ट्री को मामले के ट्रायल कोर्ट के रिकॉर्ड और अभियोजक को मौत की सजा संबंधी एक प्रति जल्द से जल्द उपलब्ध कराने का भी निर्देश दिया। जुलाई 2021 में एरिज खान ने ट्रायल कोर्ट के फैसले के खिलाफ अपील दायर की थी। ट्रायल कोर्ट ने फैसले में कहा था कि अपराध 'दुर्लभतम श्रेणी' के तहत आता है और अधिकतम सजा की सजा सुनाई जाती है।
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ट्रायल कोर्ट ने 8 मार्च 2021 को आरिज खान को यह कहते हुए दोषी ठहराया था कि यह विधिवत साबित हो गया है कि उसने और उसके सहयोगियों ने पुलिस अधिकारी की हत्या कर दी और उस पर गोलियां चलाईं। ट्रायल कोर्ट ने 15 मार्च, 2021 को आरिज खान को मौत की सजा सुनाई थी और उन पर 11 लाख रुपये का जुर्माना भी लगाया था। अदालत ने जुर्माने की राशि में से 10 लाख रुपये शर्मा के परिवार के सदस्यों को देने का निर्देश दिया था। दिल्ली पुलिस के विशेष प्रकोष्ठ के इंस्पेक्टर शर्मा 2008 में दक्षिण दिल्ली के जामिया नगर में पुलिस और आतंकवादियों के बीच हुई मुठभेड़ के दौरान राष्ट्रीय राजधानी में सिलसिलेवार बम विस्फोटों के बाद मारे गए थे।