नई दिल्ली। नई दिल्ली जिले की तिलक मार्ग थाना पुलिस ने सुप्रीम कोर्ट के बाहर सोमवार को आत्मदाह की कोशिश करने के मामले में नया खुलासा किया है। युवक और युवती ने अलग-अलग लाइटर से खुद को आग लगाई थी। सुप्रीम कोर्ट के गेट पर लगे सीसीटीवी कैमरे की फुटेज देखने से इस बात का पता चला है। वहीं तीसरे दिन भी युवक-युवती की हालत गंभीर थी। दोनों को बुधवार को भी होश नहीं आया था। 12 से ज्यादा पुलिसकर्मियों के बयान दर्ज किए गए।
नई दिल्ली के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि सीसीटीवी फुटेज में दिखाई दे रहा है कि युवक-युवती बोतल में पेट्रोल लेकर आए थे। ये बोतल उन्हें प्लास्टिक के बैग में रखी हुई थी। बैग युवक ने पकड़ा हुआ था। बोतल निकालकर दोनों ने अपने ऊपर पेट्रोल डाल लिया। ये सुप्रीम कोर्ट के विपरीत दिशा में खड़े हुए थे। पेट्रोल डालने के बाद करीब 15 कदम चले थे। जैसे ही ये डिवाइडर पर पहुंचे तो दोनों से अलग-अलग लाइटर से खुद को आग लगा दी। आग लगाने के बाद ये सुप्रीम कोर्ट के गेट नंबर-डी की तरफ भागे, मगर ये ज्यादा भाग नहीं पाए। पुलिस को मौके से दो लाइटर के अलावा दो माचिस भी मिली हैं। ऐसे में लग रहा है कि ये आत्मदाह करने के उद्देश्य से ही सुप्रीम कोर्ट आए थे। तिलक मार्ग थाना पुलिस ने सुप्रीम कोर्ट के पास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज को जब्त कर लिया है।
इसके अलावा बुधवार को भी पीड़ित युवक-युवती को होश नहीं आया। जांच अधिकारी बुधवार को भी आरएमएल अस्पताल पहुंचे थे। तिलक मार्ग थाना पुलिस घटना वाले दिन सुप्रीम कोर्ट के गेट नंबर-डी पर तैनात पुलिसकर्मी व क्यूआरटी में तैनात पुलिसकर्मियों के बयान दर्ज कर रही है। क्यूआरटी में तैनात पुलिसकर्मियों ने युवक व युवती को आरएमएल अस्पताल में भर्ती कराया था। तिलक मार्ग पुलिस ने बुधवार को 12 से ज्यादा पुलिसकर्मियों के बयान दर्ज कर लिए हैं। सभी पुलिसकर्मियों ने यही कहा है कि युवक-युवती ने खुद को आग लगाई।
अपराध शाखा को सौंपी जा सकती है जांच
मामले की जांच जल्द ही अपराध शाखा को सौंपी जा सकती है। वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों का कहना है कि मामला काफी संवेदनशील है। ऐसे में जांच अपराध शाखा को दी जा सकती है।
परिजन बोले-बेटी को न्याय दिलाने के लिए लड़ेंगे
युवती की मां और भाई मंगलवार देर रात यूपी के बलिया से दिल्ली पहुंच गए। मां का कहना था कि काफी समय से बेटी उनके पास नहीं रह रही थी। वह उनको कुछ नहीं बताती थी। उनको पता नहीं है कि क्या हुआ है। परिजनों का कहना है कि वह बेटी को न्याय दिलाने के लिए लड़ेंगे।