निजी कंपनी के जनरल मैनेजर ने कंपनी को चूना लगाकर 27.28 करोड़ की हेराफेरी कर ली। कंपनी के मालिकों को जब इसका पता चला तो उन्होंने दिल्ली पुलिस से शिकायत की। छानबीन के बाद पुलिस ने कंपनी के जनरल मैनेजर को गिरफ्तार कर लिया। आरोपी की पहचान रोहिणी निवासी कमल कुमार (43) के रूप में हुई है। आरोपी ग्रेजुएशन के अलावा सीए किया हुआ है। कंपनी ने करीब 4.50 लाख रुपये सैलरी पर उसे रखा हुआ था। आरोपी ने अपने पद का फायदा उठाकर करीब 2300 एंट्री कर डेढ़ साल में रकम अपने खाते में ट्रांसफर की। मजे की बात यह है कि आरोपी ने रकम को शेयर मार्केट में लगाकर मोटा नुकसान भी उठाया। अब पुलिस आरोपी कमल कुमार से पूछताछ कर मामले की छानबीन कर रही है।
आर्थिक अपराध शाखा के अतिरिक्त आयुक्त आरके सिंह ने बताया कि निजी कंपनी के मालिकों अमित कपूर और धीरज नायर ने अपनी कंपनी में हेराफेरी की शिकायत दी थी। अमित ने अपनी शिकायत में बताया कि वह जे-सागर एसोसिएट नाम से निजी फर्म चलाते हैं। कमल कुमार इनकी कंपनी में जनरल मैनेजर (फाइनेंस) है। अमित ने बताया कि आरोपी ने अपने खाते में पिछले कुछ समय के दौरान सवा 27 करोड़ से अधिक की रकम ट्रांसफर कर ली। आरोपी ने कंपनी के खाते में सॉफ्टवेयर की मदद से फर्जी एंट्री दिखाकर रुपयों का गबन किया है।
पुलिस ने शिकायत के बाद जांच की। इसके बाद मामला दर्ज कर आगे की कार्रवाई शुरू की गई। जांच के दौरान पुलिस को पता चला कि कोविड काल के दौरान आरोपी ने सारी गड़बड़ी की। आरोपी को एक एंट्री के दौरान 1.50 लाख रुपये की रकम स्वीकृत करने का अधिकार था। इसकी वजह से आरोपी ने कंपनी के खाते से 2300 एंट्री कर रकम अपने खाते में ट्रांसफर ली। आरोपी कंपनी के ग्राहकों के टैक्स क्लीयर करने के नाम पर हेराफेरी करता रहा।
कंपनी ने जब ऑडिट करवाया तो हेराफेरी का पता चला। पुलिस ने जांच के बाद जब आरोप सही पाए तो आरोपी को दिल्ली से गिरफ्तार कर लिया गया। रिमांड पर लेकर आरोपी से पूछताछ की गई। आरोपी कमल कुमार ने बताया कि उसने लगभग सारी ही रकम को शेयर बाजार में लगाकर डुबो दिया। पुलिस आरोपी से पूछताछ कर मामले की छानबीन कर रही है। हेराफेरी में कमल कुमार के कुछ सहयोगी भी शामिल हैं, उनसे भी पूछताछ करने की तैयारी की जा रही है। जल्द ही मामले में कुछ और लोगों की गिरफ्तारियां हो सकती हैं।