नई दिल्ली। मैट्रिमोनियल वेबसाइट के जरिये अपने जाल में फंसाकर लोगों से ठगी करने वाले अंतरराष्ट्रीय गैंग का मध्य जिले की साइबर थाना पुलिस ने पर्दाफाश कर दो अफ्रीकी नागरिकों समेत कुल छह आरोपियों को गिरफ्तार किया है। आरोपियों की पहचान दिल्ली निवासी बबलू सिंह यादव, बरेली निवासी कासिम खान, अफजल खान, संगम विहार (दिल्ली) निवासी विकास बंसल और नाइजीरिया निवासी मूसा व इफेनी वेलेंटाइन के रूप में हुई है। पुलिस ने 27 डेबिट कार्ड, 1.25 लाख रुपये, ठगी की रकम से खरीदी गई एक बाइक, 9 मोबाइल फोन और एक लैपटॉप व अन्य सामान बरामद किया है। आरोपियों के 35 बैंक खातों का पता चला है। आरोपी करीब 500 लोगों से करोड़ों रुपये की ठगी कर चुके हैं। पिछले करीब सात साल से आरोपी ठगी कर रहे थे। 5, 6 और 11 मार्च को आरोपी गिरफ्तार किए गए। अफ्रीकी नागरिक गिरोह के मास्टर माइंड हैं।
मध्य जिले की पुलिस उपायुक्त श्वेता चौहान ने बताया कि 22 फरवरी को मध्य दिल्ली के नामी अस्पताल में काम करने वाली एक महिला डॉक्टर ने ठगी की शिकायत दर्ज कराई थी। पीड़िता ने बताया कि कुछ दिनों पूर्व एक मैट्रिमोनियल वेबसाइट के जरिये उसकी बातचीत डॉ. अंकुश नामक शख्स से हुई। उसने खुद को यूूके का डॉक्टर बताया। कुछ दिन की बातचीत के बाद आरोपी ने उससे शादी की इच्छा जताई। आरोपी ने बताया कि उसने 22 जनवरी को यूके से भारत आने के लिए टिकट बुक कराया है, लेकिन टिकट सीधे दिल्ली का न मिलकर मुंबई का मिला है। इस बीच 23 जनवरी को उसके मोबाइल पर एक महिला का कॉल आया। कॉलर ने अपना नाम मीनाक्षी बताया। उसने कहा कि वह मुंबई एयरपोर्ट पर कस्टम विभाग से बोल रही है। डॉ. अंकुश अवैध रूप से 15 हजार पाउंड लेकर भारत आए हैं। इसके लिए अब उनको जुर्माना अदा करना होगा। मीनाक्षी ने जुर्माने के 1.76 लाख रुपये मांगे। इसके लिए डॉ. अंकुश ने अपने व्हाट्सएप नंबर से मैसेज भी किया, लेकिन रुपये ट्रांसफर होने के बाद भी आरोपियों ने महिला डॉक्टर से और रुपयों की मांग की। इस पर उन्हें शक हो गया। बाद में पुलिस को शिकायत दी गई।
ऐसे किए गए गिरफ्तार
साइबर थाना पुलिस ने तीन मार्च को मामला दर्ज कर जांच शुरू की। जिस बैंक खाते में रुपये ट्रांसफर हुए सबसे पहले पुलिस उस तक पहुंची। रुपयों को बैंक खाते में पहुंचते ही अलग-अलग जगह एटीएम से निकाल लिए गए। छानबीन के बाद पुलिस ने पांच मार्च को पहले बबलू सिंह यादव को दिल्ली से पकड़ा। बबलू ने बताया कि उसने बरेली के कासिम के कहने पर कई खाते खोले। हर खाता खोलने पर उसे 20 हजार रुपये और बैंक में आने वाली रकम का पांच फीसदी हिस्सा मिलता था। अगले दिन कासिम को बरेली से गिरफ्तार कर लिया गया। कासिम ने बताया कि वह अकाउंट खुलवाने के बाद उनके कागजात अफजल खान और जमा खान नामक शख्स को सौंप देता है। पुलिस ने उसी दिन अफजल को बरेली से गिरफ्तार कर लिया। तीनों से पूछताछ के बाद 11 मार्च को निहाल विहार से मूसा, इफेनी और विकास बंसल को गिरफ्तार कर लिया।