आरोपियों ने मोटा मुनाफा दिलवाने का झांसा देकर कारोबारी को विश्वास में लिया। बड़ी रकम लगाने पर ठगी कर गायब हो गए। पुलिस की छानबीन में पता चला कि ठग मलेशिया नहीं, बल्कि बिहार में बैठे हैं।
मलयेशिया में निवेश के नाम पर कारोबारी से 6.47 लाख रुपये ठगने का मामला प्रकाश में आया है। आरोपियों ने मोटा मुनाफा दिलवाने का झांसा देकर कारोबारी को विश्वास में लिया। बड़ी रकम लगाने पर ठगी कर गायब हो गए। पुलिस की छानबीन में पता चला कि ठग मलेशिया नहीं, बल्कि बिहार में बैठे हैं। शाहदरा जिला साइबर थाना पुलिस ने मामला दर्ज कर छानबीन शुरू कर दी है। पुलिस टेक्निकल सर्विलांस के अलावा बैंक खातों की मदद से आरोपियों तक पहुंचने का प्रयास कर रही है।
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पुलिस के मुताबिक, पीड़ित लवकुश कुमार पांडेय (46) परिवार के साथ कांति नगर विस्तार में रहते हैं। इनका अपना कारोबार है। अक्तूबर 2021 में इनको एक जानकार के जरिये मलेशिया की एक कंपनी के बारे में पता चला। दावा किया गया था कि कंपनी हीरा, सोना, चांदी, लोहा और प्लास्टिक के स्टॉक में डील करती है। उसका एक दफ्तर मलेशिया व एक दफ्तर मुंबई भारत में है।
पीड़ित ने कंपनी के बारे में जानने का प्रयास किया तो उसके पास मलयेशिया के नंबर से व्हाट्सएप आया। चैट के जरिये लवकुश की विवियान से बातचीत हुई। उसने पीड़ित को अपनी फेस बुक आईडी दी। इसके बाद पीड़ित से एक लिंक को डाउनलोड करने के लिए कहा गया। लिंक डाउनलोड करने पर आरोपियों ने उसे बताया कि कंपनी में निवेश करने के आठ लेवल हैं।
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शुरुआत में पीड़ित ने एक हजार रुपये लगाए तो उसे मोटा मुनाफा दिया गया। इसके बाद उसने 50 हजार रुपया निवेश करने पर भी मोटा मुनाफा दिया गया। लालच बढ़ने पर पीड़ित ने सीधे छह लाख रुपये निवेश कर दिए। इसके बाद कुछ दिन तो पीड़ित के खाते में मुनाफा आया, लेकिन बाद में बंद हो गया।
मार्केट को पढ़ने और समझने वाला सॉफ्टवेयर होने का दावा भोले-भाले लोगों को अपने जाल में फंसाने के लिए साइबर ठग हर तरह के हथकंडे अपना रहे हैं। लवकुश के साथ भी ऐसा ही किया गया। आरोपियों ने उसे बताया कि उनके पास ऐसा सॉफ्टवेयर है, जो मार्केट को पढ़ता और समझता है।