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तिमारपुर में कारोबारी से लूट मामले की गुत्थी सुलझी, कर्मचारी समेत चार गिरफ्तार

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नई दिल्ली। तिमारपुर इलाके में सात जनवरी को मेडिकल उपकरण विक्रेता कारोबारी से लूट की गुत्थी को सुलझाते हुए पुलिस ने कारोबारी के ही कर्मचारी समेत चार आरोपियों को गिरफ्तार किया है। आरोपियों की पहचान कर्मचारी मुकुंदपुर, दिल्ली निवासी बॉबी (20) गांव बसी, बागपत (यूपी) निवासी अरुण शर्मा (21), गांव सुरहेड़ा, बागपत निवासी विनय शर्मा (21) और खेकड़ा, बागपत निवासी महक यादव (20) के रूप में हुई है। आरोपियों के पास से लूटी गई रकम में से 5.20 लाख कैश, वारदात में इस्तेमाल तीन मोबाइल फोन, बाइक, दो पिस्टल, कारतूस व अन्य सामान बरामद किया है। आरोपियों ने खुलासा किया है कि इनको रुपयों की जरूरत थी। इसलिए कारोबारी के कर्मचारी बॉबी को अपने साथ मिलाकर वारदात को अंजाम दिया।
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उत्तरी जिला पुलिस उपायुक्त सागर सिंह कलसी ने बताया कि पीड़ित कारोबारी नितिन भाटिया (39) परिवार के साथ नेहरू विहार, तिमारपुर इलाके में रहते हैं। उनका भागीरथ प्लेस में मेडिकल उपकरणों का कारोबार है। सात जनवरी को वह दुकान बंद कर स्कूटी से घर लौट रहे थे। रास्ते में हथियारबंद दो बदमाशों ने उनसे बैग लूट लिया, जिसमें करीब सात लाख रुपये थे। वारदात के बाद बदमाश अपने तीसरे साथी के साथ बाइक पर बैठकर फरार हो गए। पुलिस ने घटना स्थल के आसपास सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली और पीड़ित के यहां काम करने वाले कर्मचारियों से भी पूछताछ की गई।
इस तरह आरोपियों तक पहुंची पुलिस
जांच के दौरान एक कर्मचारी के फोन में व्हाट्सएप कॉल डिटेल डिलीट मिली। उसे हिरासत में लेकर सख्ती से पूछताछ की तो वह टूट गया और वारदात में हाथ होने की बात कबूल ली। उसने बताया कि वारदात का मास्टर माइंड अरुण शर्मा है। उसने अन्य दो युवकों विनय शर्मा और महक यादव को साथ मिलकर वारदात को अंजाम दिया। इस जानकारी के बाद पुलिस ने तीनों आरोपियों को बागपत से दबोच लिया। अरुण शर्मा ने पुलिस को बताया वह भागीरथ प्लेस में एक मेडिकल शॉप पर काम करता था। चार महीने पहले उसकी नौकरी छूट गई थी। उसे रुपयों की जरूरत थी। इसलिए उसने कारोबारी के कर्मचारी बॉबी के साथ मिलकर लूट की साजिश रची।
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