गणतंत्र दिवस की पूर्व संध्या पर केंद्र सरकार ने पद्म पुरस्कार-2022 की घोषणा कर दी है। दिल्ली के हिस्से में पांच पद्म पुरस्कार आए हैं। इसमें से चार शख्सियत शिक्षा क्षेत्र से जुड़ी हैं। जामिया की वीसी प्रो. नजमा अख्तर, जेके बजाज, तारा जौहर और दिलीप साहनी को पद्म श्री से नवाजा जाएगा। इन सभी को साहित्य और शिक्षा के क्षेत्र में यह पुरस्कार दिया जा रहा है। जबकि गुरुप्रसाद महापात्र को मरणोपरांत सिविल सेवा क्षेत्र में पद्मश्री दिया है।
प्रो. नजमा अख्तर जामिया मिल्लिया इस्लामिया की पहली महिला कुलपति हैं। उनका पूरा जीवन शिक्षा के लिए ही समर्पित रहा है। स्कूली शिक्षा इलाहाबाद में लेने के बाद 11वीं और 12वीं बरेली से की। इसके बाद उन्होंने अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी (एएमयू) से वनस्पति शास्त्र में उच्च शिक्षा हासिल कीं।
ग्रेजुएशन और पोस्ट ग्रेजुएशन में गोल्ड मेडल हासिल करने वाली नजमा अख्तर ने कुरुक्षेत्र यूनिवर्सिटी से पीएचडी की डिग्री ली। अवार्ड मिलने पर उन्होंने राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री समेत सभी का धन्यवाद किया है।
दूसरी तरफ डॉक्टर जेके बजाज समाज नीति समीक्षण केंद्र के ट्रस्टी हैं। इनका जीवन भी शिक्षा के क्षेत्र में समर्पित रहा है। पंजाब यूनिवर्सिटी से एमससी फिजिक्स की डिग्री लेने के बाद यहीं से पीएचडी की। बाद में यह आईआईटी कानपुर से जुड़े। इन्होंने कई पुस्तकें भी लिखी हैं। तारा जौहर और दिलीप साहनी को भी शिक्षा के क्षेत्र में काम करने के लिए पुरस्कार दिया गया है।
गुरुप्रसाद महापात्र को मरणोपरांत पद्मश्री पुरस्कार से नवाजा गया है। डीपीआईआईटी के सचिव रहे महापात्र बीते जून महीने में कोरोना संक्त्रस्मित हो गए थे। इलाज के दौरान इनका देहांत हो गया था। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने उनकी मौत पर शोक जाहिर करते हुए बेहतरीन प्रशासक बताया था।