राजधानी में इस साल डेंगू से पहली मौत दर्ज की गई है। सरिता विहार निवासी 35 वर्षीय महिला मरीज ने होली फैमिली अस्पताल में उपचार के दौरान दम तोड़ दिया। हालांकि, मौत पिछले महीने 26 सितंबर को हुई थी, लेकिन दिल्ली नगर निगम ने अब तक इसकी पुष्टि नहीं की थी। सोमवार को अस्पताल से यह जानकारी बाहर आने के बाद निगम के जन स्वास्थ्य विभाग ने डेथ समरी जारी करते हुए पूरी स्थिति के बारे में बताया।
सरिता विहार स्थित मेट्रो कॉलोनी निवासी ममता कश्यप 20 सितंबर को अस्पताल में भर्ती कराई गईं। उस दौरान उनकी हालत काफी नाजुक थी और ऑक्सीजन का स्तर भी लगातार कम हो रहा था। इसलिए उन्हें आईसीयू में रखा गया, लेकिन उपचार के बाद भी सेहत में सुधार नहीं हुआ और 26 सितंबर की रात 8:05 बजे उन्हें मृत घोषित कर दिया गया।
नगर निगम के अनुसार, मृतक के घर या फिर आसपास जांच करने पर कोई भी संक्रमण का मामला नहीं मिला है। हालांकि, महिला के पति घर पर नहीं मिले। वह अंतिम संस्कार के लिए लखनऊ गए थे और वहां से वापस नहीं आए हैं। निगम की टीम ने आसपास के 426 घरों में मच्छरों की ब्रीडिंग को लेकर जांच की, जिनमें से 12 घरों में ब्रीडिंग भी मिली है। 323 घरों में मच्छरों से बचाव के लिए छिड़काव किया गया। 10 मकान मालिकों को कानूनी नोटिस और तीन के चालान किए गए हैं। इनके अलावा स्थानीय क्षेत्र में जागरूकता को लेकर भी टीम कार्य कर रही हैं।
इस महीने मिल चुके हैं 382 केस
दिल्ली में इस साल अब तक डेंगू के 723 मामले सामने आ चुके हैं, जिनमें से अकेले अक्तूबर में 382 मरीज मिले हैं। बीते एक हफ्ते में ही 243 मामले सामने आए। अक्तूबर 2020 के इसी सप्ताह तक डेंगू के कुल 395 मामले सामने आए थे। 2019 में साल की इसी अवधि में 644 केस मिले थे। 2020 में डेंगू से दो लोगों की मौत हुई थी, लेकिन साल 2015 में डेंगू का प्रकोप सबसे अधिक था। उस दौरान 16 हजार लोग संक्रमित हुए थे और 60 लोगों की उपचार के दौरान मौत हुई।