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मुंडका में मातम : गुजरते वक्त के साथ धुंधली होती जा रही है मधु के मिलने की उम्मीद, परिजनों के नहीं थम रहे आंसू

Sun, 15 May 2022 06:18 AM IST
दुष्यंत शर्मा सर्वेश कुमार, नई दिल्ली

सार

अमित ने बताया कि अस्पताल में भी कोई सुराग नहीं मिलने पर इस मामले की शिकायत पुलिस से की तो मधु की मां को डीएनए टेस्ट के लिए बुलाया गया है। अमित ने बताया कि मधु की मां पटना से रविवार को दिल्ली पहुंचेंगी। पिछले 24 घंटे से पत्नी की कोई खबर न मिलने से अब उम्मीद भी जवाब देने लगी है। बकौल अमित, शुक्रवार दोपहर बाद रोजाना की तरह करीब दो बजे लंच के वक्त बात हुई थी।
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मुंडका अग्निकांड में अपनों की तलाश करते लोग - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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अग्निकांड में अपनी पत्नी की तलाश में अमित के पांव तो थक गए, लेकिन आंखों को मधु को देखने का बेसब्री से इंतजार है। घर में दो बेटियां और सास की आंखों के आंसू थम नहीं रहे हैं। आग के तांडव के बीच जिंदगी की उम्मीद भी कम हो गई है।

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डीएनए जांच के लिए मां को बुलावा
अमित ने बताया कि अस्पताल में भी कोई सुराग नहीं मिलने पर इस मामले की शिकायत पुलिस से की तो मधु की मां को डीएनए टेस्ट के लिए बुलाया गया है। अमित ने बताया कि मधु की मां पटना से रविवार को दिल्ली पहुंचेंगी। पिछले 24 घंटे से पत्नी की कोई खबर न मिलने से अब उम्मीद भी जवाब देने लगी है। बकौल अमित, शुक्रवार दोपहर बाद रोजाना की तरह करीब दो बजे लंच के वक्त बात हुई थी।

उसने बच्चों के स्कूल से घर पहुंचने के बारे में पूछा और यह भी कहा कि आपने अब तक खाना क्यों नहीं खाया। अमित ने बताया कि अपनी ड्यूटी के सिलसिले में ओखला गया था, लेकिन माल अनलोड करने के दौरान ही कई फोन आए और आग लगने की सूचना मिली। तत्काल वहां से लौटने लगे, लेकिन जब तक मुंडका पहुंचे, आग की चपेट में आकर इमारत खंडहर बन चुका था। हर तरफ आग और धुएं के बीच एंबुलेंस, फायर ब्रिगेड की गाड़ियां नजर आ रही थी। सड़क पर वाहनों का भारी जाम होने की वजह से घटनास्थल तक पहुंचने में देरी हुई।
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भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए तत्काल प्रभाव से उठाने चाहिए कदम : उपराज्यपाल
दिल्ली के उपराज्यपाल अनिल बैजल ने कहा कि मुंडका अग्निकांड में लोगों की जान जाने से वह बेहद दुखी हैं। भविष्य में ऐसी घटनाएं दोबारा न हो, इसके लिए तत्काल कदम उठाने चाहिए। उन्होंने पीड़ित परिवारों के प्रति संवेदना व्यक्त की। बैजल ने ट्वीट कर कहा कि मुंडका में भीषण आग की घटना से गहरा दुख हुआ है। बचाव की तमाम कोशिशों के बावजूद कई जान चली गईं। शोक संतप्त परिवारों के प्रति मेरी गहरी संवेदना है और घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने की प्रार्थना करता हूं। उन्होंने कहा कि जब हम त्रासदी के कारणों के विवरण में जाते हैं तो सभी संबंधित विभागों द्वारा तत्काल कदम उठाए जाने चाहिए। 

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हाईड्रोलिक क्रेन, रस्सी, सीढ़ियां और गद्दा वरदान साबित हुआ

मुंडका स्थित इमारत में आग लगने के बाद स्थानीय लोगों ने जिस तरह से तिनके तिनके को जोड़कर राहत बचाव कार्य को अंजाम दिया, इसकी लोग जमकर सराहना कर रहे हैं। बचाव कार्य करने का वीडियो वायरल हुआ है, जिसको देखकर लोग इस बात को लेकर हैरान हैं। ग्राम सभा के सदस्य संजीव लाकड़ा बताते हैं कि उनका एक व्हाट्सएप ग्रुप है, जिसमें गांव में रहने वाले 18 साल की उम्र के ऊपर वाले करीब ढाई सौ सदस्य हैं। 

वह गांव की बेहतरी के लिए काम करते हैं। संजीव ने बताया कि शुक्रवार शाम करीब चार बजे किसी ने ग्रुप में मैसेज कर बताया कि मनीष लाकड़ा की इमारत में आग लग गई है। इसकी जानकारी मिलते ही ग्राम सभा के सदस्य मंजीत, शिव कुमार, विजय मान, विकास लाकड़ा, प्रवीण लाकड़ा, सुरेंद्र लाकड़ा और रोशन लाकड़ा मौके पर पहुंचे। उनके सामने चुनौती थी कि शीशे के बने इस इमारत में आग में फंसे लोगों को कैसे बचाए। फिर उन लोगों ने अपने परिचितों से संपर्क कर लकड़ी की  सीढ़ियों का इंतजाम किया। देखते ही देखते दस की संख्या में वहां सीढ़ियां आ गई। 

सदस्यों ने एक-एक कर सीढ़ियों को एक दूसरे से बांधकर उसे दूसरी मंजिल तक पहुंचाया और शीशे को तोड़कर फंसे लोगों को एक एक कर नीचे उतारने लगे।  इसी बीच ग्राम सभा के कुछ सदस्यों ने उसी गली में कबाड़ी का काम करने वाले के यहां से रस्सी का इंतजाम किया और कुछ लोगों की मदद से वहां कई गद्दे मंगवा लिए गए। रस्सी को इमारत की दूसरी मंजिल के पिलर से बांधा गया और फिर रस्सी की मदद से लोगों को नीचे गद्दा रखकर उस पर उतारा जाने लगा। कुछ लोगों ने गद्दे पर कूदकर अपनी जान बचाई। 
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