पक्के घरों का निर्माण कर रहे किसान।
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सिंघु बॉर्डर पर 108 दिनों से आंदोलित किसान सर्दी की मार झेलने के बाद गर्मी और धूप से बचने की तैयारी में हैं। किसान अपने लिए ईंट से पक्के घरों का निर्माण कर रहे हैं। घरों में एसी-कूलर लगवाने की भी तैयारी है। जिससे किसानों का नए कृषि कानूनों के खिलाफ प्रदर्शन जारी रहे।
जैसे-जैसे मार्च का महीना बीत रहा है, दिल्ली के तापमान में भी इजाफा हो रहा है। इसी के मद्देनजर किसान अपने लिए धरना स्थल पर स्थाई ढांचे का निर्माण करने में जुट गए हैं। किसान सोशल आर्मी के अनिल मलिक ने कहा कि अब तक 25 घर बनाए गए हैं और आने वाले दिनों में ऐसे 1000 से 2000 घरों का निर्माण किया जाएगा।
वहीं गाजीपुर बॉर्डर पर आंदोलन कर रहे किसानों ने गर्मियों की तैयारी करनी शुरू कर दी है। धरना स्थल के पास जनरेटर लगाने के साथ-साथ आरओ प्लांट भी लगाया गया है। किसानों का कहना है कि आंदोलन काफी लंबा चलेगा। शुद्ध पेयजल की किल्लत न हो। इसके लिए यह प्लांट लगाया गया है।
ग़ाजीपुर बॉर्डर पर किसान एकता मोर्चा के सदस्य बलजिंदर सिंह मान ने कहा कि यह आंदोलन अभी लंबा चलना है। गर्मियों में यहां रहने के लिए सभी प्रबंध किए जा रहे हैं। बॉर्डर पर मौजूद अधिकतर टेंट में पंखे और कूलर लगा दिए गए है। पीने के पानी की खपत को देखते हुए आरओ प्लांट लगाया गया है। शुद्ध पेयजल के लिए पानी की बोतलों पर निर्भर नहीं रहना पड़ेगा। उन्होंने कहा कि बाबा मोहन सिंह ने शनिवार को आरओ प्लांट का उद्घटान किया है। इसके माध्यम से प्रतिदिन 500 लीटर पानी मिल सकेगा।
पंजाब से 400 किसान बॉर्डर आए
शनिवार को पंजाब से करीब 400 युवा किसान ग़ाजीपुर आए। उन्होंने भारतीय किसान यूनियन (युवा) के राष्ट्रीय अध्यक्ष चौधरी गौरव टिकैत से मुलाकात की और समर्थन दिया।