दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने नकली नोटों की सप्लाई करने वाले अंतरराष्ट्रीय गिरोह का पर्दाफाश कर नकली नोटों की सप्लाई करने वाले एक तस्कर को गिरफ्तार किया है। आरोपी के कब्जे से चार लाख रुपये के नकली नोट बरामद किए हैं। सभी नकली नोट दो हजार के नोटों में हैं। नकली नोट इतनी बढिय़ा क्वालिटी के हैं कि आसानी से नकली व असली नोटों को अलग नहीं किया जा सकता। नकली नोट पाकिस्तान से इंडो-बांग्ला बॉर्डर से भारत में आ रहे हैं।
स्पेशल सेल डीसीपी संजीव कुमार यादव के अनुसार इंस्पेक्टर विवेकानंद पाठक और कुलदीप सिंह को करीब चार महीने पहले नकली नोटों की तस्करी होने के बारे में सूचना मिली थी। जांच में ये पता लगा कि नकली नोट इंडो-बांग्ला बॉर्डर से भारत में आ रहे हैं। 21 जनवरी को सूचना मिली थी कि नकली नोटों की सप्लाई करने वाला शेख शहजाद नकली नोटों की खेप लेकर आनंद विहार रेलवे स्टेशन लेकर आएगा व खेप को राजा नामक व्यक्ति को देगा। एसीपी जसबीर सिंह की देखरेख में यहां घेराबंदी कर मूलरूप से मोतिहारी, बिहार निवासी व महरौली, दिल्ली में रह रहे शेख शहजाद (44) को पकड़ लिया गया। उसके पास से दो हजार के नोटों में चार लाख रुपये के नकली नोट मिले।
आरोपी ने बताया कि वह नकली नोटों की खेप पश्चिमी बंगाल के कालियाचक के हबीबुर रहमान से लेकर आता था। एक 100 रुपये का नकली प्रति 50 रुपये में लेता था और आगे उसे 60 रुपये में बेचता था। आरोपी का कहना है कि वह दिल्ली-एनसीआर में अब तक 20 लाख रुपये के नकली नोट खपा चुका है।
बड़े लेन-देन नकद में होने से नकली नोटों की मांग है
आरोपी शेख शहजाद का कहना है कि दिल्ली-एनसीआर में अभी भी बड़े लेन-देन नकद में होते है, इस कारण नकली नोटों की भारी मांग है। पश्चिमी बंगाल का मालदा नकली नोट व ड्रग्स की तस्करी के लिए पहचान बनाने लगा है। आरोपी मेरठ में कसाई घर में काम करता था। आर्थिक तंगी के कारण ये नकली नोटों की तस्करी करने लगा। इसने नकली नोट सप्लाई करने के लिए मेरठ व दिल्ली में अपना नेटवर्क खड़ा किया। इसे वर्ष 2016 में स्पेशल सेल ने ही 10.25 लाख के नकली नोटों को साथ गिरफ्तार किया था। जेल से आने के बाद ये महरौली, दिल्ली में रहकर नकली नोटों की फिर से सप्लाई करने लगा।
नकली नोटों में सुरक्षा धागा व वाटरमार्क है-
स्पेशल सेल के पुलिस अधिकारियों के अनुसार नकली नोटों की क्वालिटी बहुत ही बढिय़ा है। नकली नोटों के अंदर सुरक्षा धागा व वाटरमार्क जैसे फीचर्स हैं। इन फीचर्स के कारण इनको असली नोटों से अलग करना आसान काम नहीं है। भारत सरकार ने हाल में नोटों के अंदर मौजूद फीचर्स में जो बदलाव किए हैं उनमें से ज्यादातर नकली नोटों में हैं।