नई दिल्ली। नई दिल्ली नगर पालिका परिषद (एनडीएमसी) का पूर्व कर्मचारी फर्जी आईएएस अफसर बनकर अपने साथियों के साथ मिलकर ठगी करने में लगा हुआ था। वह एनडीएमसी में नौकरी लगवाने का झांसा देता था। आरोपी साथियों के साथ मिलकर 100 से ज्यादा बेरोजगार युवकों को ठग चुका है। दिल्ली पुलिस की अपराध शाखा ने रविवार को गाजियाबाद के रिस्तल के औरंगाबाद स्थित महमूदपुर निवासी एनडीएमसी के पूर्व कर्मचारी राकेश भड़ाना और दो साथियों रोहताश और प्रकाश भड़ाना को गिरफ्तार किया है। इनके पास से फर्जी कागजात बरामद किए गए हैं। आरोपी राकेश के पिता एनडीएमसी में कर्मचारी थे। पिता की मौत के बाद राकेश को एनडीएमसी को नौकरी मिल गई थी मगर कुछ महीने के बाद उसने नौकरी छोड़ दी थी।
अपराध शाखा के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि पालम गांव निवासी अंकित शर्मा ने शिकायत दी थी कि वह काफी समय से सरकारी नौकरी की कोशिश कर रहा था। छह महीने से उसकी बहन हेमा की ननद सोनिया दो लोगों सुनील मलिक व विनोद को जानती है, जिनके एनडीएमसी में अच्छे संबंध हैं। दोनों सरकारी नौकरी दिलवाने में सहायता करते हैं। वह उसको सुनील व विनोद के पास ले गई। उन्होंने अंकित से कहा कि एनडीएमसी, एमसीडी और बैंक आदि में काफी सरकारी नौकरियां हैं और वह उसे सरकारी नौकरी दिलवा सकते हैं। एक महीने बाद विनोद ने अंकित की मां चंचल शर्मा को बुलाया और कहा कि एनडीएमसी में काफी नौकरियां हैं। उसने नौकरी लगवाने के नाम पर 10 लाख रुपये मांगे। इसके लिए चंचल शर्मा तैयार हो गई।
विनोद ने अंकित को राकेश से मिलवाया। विनोद ने बताया कि राकेश आईएएस अफसर हैं और वह उसे एनडीएमसी में नियुक्ति पत्र देंगे। इसके बाद इन्होंने पीड़ित से 6 लाख रुपये ले लिए और उसे फर्जी नियुक्ति पत्र व एनडीएमसी का परिचय पत्र दे दिया। अंकित जब एनडीएमसी के ऑफिस में गया तो पता लगा कि उसके साथ ठगी की गई है। मामला दर्ज कर टीम गठित की गई। टीम ने जांच के बाद राकेश भड़ाना, रोहताश और प्रकाश भड़ाना को गिरफ्तार कर लिया। सुनील व विनोद की तलाश जारी है।