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विशेषज्ञों का दावा: अस्पताल से ज्यादा घरों में कोरोना को मात दे रहे मरीज, देखें आंकड़े

Fri, 18 Feb 2022 02:02 AM IST
Vikas Kumar न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

एम्स के डॉक्टर अनन्य गुप्ता कहते हैं कि इस आंकड़े में बदलाव की मुख्य वजह कोरोना वैरिएंट के पड़ने वाले प्रभाव मुख्य रूप से जिम्मेदार हैं। नए वैरिएंट के साथ लोगों में अधिकांश हल्के लक्षण ही देखने को मिल रहे हैं, जिसमें खांसी, जुकाम व बदन दर्द शामिल है। यही वजह है कि इलाज के लिए अस्पताल पहुंचने के बजाय मरीज घरों में ही इलाज करवा रहे हैं। 
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प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : iStock
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विस्तार
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राजधानी में कोरोना के कम होते संक्रमण के बीच महामारी को सबसे ज्यादा हराने वाले मरीज अस्पतालों से ज्यादा घर में मौजूद हैं। यही वजह है कि बीते 16 दिनों में अस्पताल से अधिक होम आइसोलेशन में मरीज ठीक हुए हैं। तीन सप्ताह के भीतर जहां अस्पतालों में भर्ती मरीजों का एक चौथाई से भी कम हिस्सा रह गया है। वहीं, घरों में भर्ती मरीजों का केवल सातवां हिस्सा ही बचा है। ऐसे में विशेषज्ञों का कहना है कि आंकड़ों में इस बड़े बदलाव के पीछे कोरोना के हल्के लक्षण मुख्य रूप से जिम्मेदार हैं।

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दिल्ली सरकार के स्वास्थ्य विभाग के आंकड़ों पर गौर करें तो 31 जनवरी को दिल्ली में होम आइसोलेशन में 14 हजार से भी अधिक मरीज थे, जबकि अस्पतालों में 1500 से अधिक मरीज उपचाराधीन थे। इसी प्रकार कोरोना के नए मामलों में गिरावट के साथ फरवरी के पहले सप्ताह में होम आइसोलेशन में मौजूद मरीजों की संख्या 50 फीसदी घटकर सात हजार के करीब पहुंच गई थी, लेकिन अस्पतालों में एक हजार के करीब मरीज भर्ती थे। फरवरी के दूसरे सप्ताह में होम आइसोलेशन में मौजूद मरीजों की संख्या घटकर चार हजार के पास पहुंच गई थी। 

वहीं, अस्पतालों में मौजूद मरीजों की संख्या 800 थी। फरवरी के तीसरे सप्ताह में घरों में उपचाराधीन मरीजों की संख्या दो हजार के पास ही रह गई है, जबकि अस्पतालों में अभी 419 मरीज भर्ती हैं। ऐसे में यदि बीते 16 दिनों के आंकड़ों पर गौर करें तो 31 जनवरी से लेकर 16 फरवरी तक घरों में मौजूद मरीजों का सिर्फ सातवां हिस्सा ही बचा है, जबकि अस्पतालों में मौजूद मरीजों का चार फीसदी से भी कम हिस्सा बचा है।
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एम्स के डॉक्टर अनन्य गुप्ता कहते हैं कि इस आंकड़े में बदलाव की मुख्य वजह कोरोना वैरिएंट के पड़ने वाले प्रभाव मुख्य रूप से जिम्मेदार हैं। नए वैरिएंट के साथ लोगों में अधिकांश हल्के लक्षण ही देखने को मिल रहे हैं, जिसमें खांसी, जुकाम व बदन दर्द शामिल है। यही वजह है कि इलाज के लिए अस्पताल पहुंचने के बजाय मरीज घरों में ही इलाज करवा रहे हैं। वहीं, अस्पताल में पहुंचने वाले मरीजो भी वे हैं जो अपनी किसी अन्य बीमारी की वजह से अस्पताल पहुंचे थे। लेकिन, बाद में कोरोना टेस्ट मिलने पर उन्हें पॉजीटिव की श्रेणी में रख लिया गया है। इसमें हृदय, लीवर व किडनी से जुड़े अन्य मरीजों की संख्या भी शामिल है। 

कोरोना के आंकड़े
                  होम आइसोलेशन        अस्पताल         सक्रिय मरीज
16 फरवरी         2041                      419                    3197
9 फरवरी           4134                      800                    6304
5 फरवरी           7267                      1037                  9979   
31 जनवरी         14328                    1518                 18729

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