नई दिल्ली। राजधानी में प्रदूषण कम करने के लिए दिल्ली सरकार युद्ध स्तर पर काम कर रही है। ग्रीन वार रूम से जहां प्रदूषण पर निगरानी की जा रही है तो वहीं, मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने बृहस्पतिवार को ग्रीन दिल्ली एप लांच किया। इसका मकसद है कि हर नागरिक दिल्ली सरकार की ‘युद्ध प्रदूषण के विरुद्ध’ मुहिम में शामिल हो। अभी यह एप एंड्रॉयड पर है, दूसरे प्लेटफार्म पर लाने का प्रयास जारी है।
केजरीवाल ने बताया कि एप पर प्रदूषण से संबंधित सभी शिकायत दर्ज होंगी, जिसका समय से समाधान होगा। मसलन, कही आग से धुआं निकल रहा हो, कोई वाहन प्रदूषण फैला रहा हो या इंडस्ट्रियल एरिया में प्रदूषण हो रहा है। कोई भी इस पर शिकायत दर्ज कर सकेगा। यदि संबंधित अधिकारी की कार्रवाई से कोई संतुष्ट नहीं हो तो एप पर दोबारा शिकायत की जा सकेगी।
उन्होंने कहा कि जब तक दिल्ली के लोग इस अभियान से नहीं जुड़ेंगे तब तक समस्या का समाधान नहीं होगा। इसमें आम लोगों की भागीदारी जरूरी है। पिछले साल आम लोगों की भागीदारी की वजह से ही 25 प्रतिशत प्रदूषण कम हुआ था। औद्योगिक क्षेत्र के प्रदूषण को फ्यूल बदलकर कम किया गया। इस साल खेतों में मुफ्त केमिकल का छिड़काव किया जा रहा है। यह सफल हो गया तो पराली से धुएं से निजात मिल जाएगी। किसान पराली जलाना नहीं चाहते हैं। इस छिड़काव से पराली खाद में तब्दील हो जाएगी। उम्मीद है कि दिल्ली सरकार की इस पहल को अन्य राज्य की सरकारें भी अपनाएंगी। अगले साल तक पराली के प्रदूषण पर पूरी तरह काबू पा लिया जाएगा। इलेक्ट्रिक व्हीकल नीति से भी काफी राहत मिलेगी।
70 मार्शल होंगे तैनात
प्रदूषण से जंग लड़ने के लिए 70 मार्शलों की तैनाती की जाएगी। इन्हें कहीं भी प्रदूषण की शिकायत मिलेगी तो वे मौके पर पहुंचकर तत्काल समस्या का समाधान करेंगे। प्रदूषण रोकने के लिए भी निगरानी करेंगे।
सचिवालय से होगी निगरानी
दिल्ली सचिवालय में पिछले दिनों ग्रीन वॉर रूम बनाया गया था। यहां से ही एप के माध्यम से पहुंचने वाली शिकायतों पर नजर रखी जाएगी। शिकायत मिलते ही संबंधित विभाग को इसकी सूचना भेजी जाएगी। पूरी सक्रियता के साथ समस्या हल की जाएगी।
एप की परेशानी भी करेंगे दूर
मुख्यमंत्री ने बताया कि एप को लांच कर दिया गया है। इसे गूगल प्ले स्टोर से डाउनलोड किया जा सकता है। यदि एप में किसी तरह की परेशानी आती हैं यानी कहीं प्रदूषण हो रहा है तो उसका वीडियो अपलोड करने में, ऑडियो अपलोड करने में या एंड्रॉयड फोन से ली गई फोटो अपलोड करने में तो वह भी दूर की जाएगी।
स्थानीय निकाय को भी जोड़ा जाएगा
प्रदूषण के खिलाफ जंग में सभी स्थानीय निकायों को भी जोड़ा जाएगा। एप के माध्यम से दिल्ली एमसीडी, एनडीएमसी, दिल्ली विकास प्राधिकरण समेत अन्य निकायों के साथ दिल्ली सरकार के सभी मंत्रालय भी जुड़ेंगे, ताकि अधिकारी मिलकर प्रदूषण की समस्या का निदान कर सकें।
ये मिलेगी सुविधा
यदि कहीं कूड़ा जल रहा है या निर्माण स्थल से धूल उड़ रही है। कोई प्रदूषण फैला रहा हो तो उसका वीडियो या वॉयस ऑडियो एप पर भेज सकेंगे। यह शिकायत ग्रीन वार रूम में पहुंचेगी, जहां पता चल जाएगा कि शिकायत कहां से की गई है। इसके बाद तत्काल कार्रवाई की जाएगी। होम पेज पर यह भी देख सकेंगे कि कितनी शिकायत की गई हैं और कितनी का समाधान हुआ है।
ऐसे करें शिकायत
. सबसे पहले ग्रीन दिल्ली एप को गूगल प्ले स्टोर से मोबाइल में डाउनलोड करना होगा।
. फिर उसमें अपना मोबाइल नंबर डालना होगा, जिस पर एक ओटीपी आएगा।
. ओटीपी डालने के बाद अपना नाम और ई-मेल दर्ज करना होगा।
. रजिस्ट्रेशन के बाद पेज पर दाहिनी तरफ हिंदी और अंग्रेजी भाषा का चयन करने का विकल्प है।
. शिकायत दर्ज करने के लिए दिए गए विकल्प पर जाना होगा।
. क्लिक करने के बाद गूगल मैप के जरिए एप पर लोकेशन दिखेगा।
. शिकायत किस श्रेणी में करनी है, उसका चुनाव करना होगा।
. संबंधित विभाग का चयन करना होगा।
. पूरा पता देते हुए अपने जिले का चयन करना होगा।
. शिकायत के साथ फोटो, वीडियो या ऑडियो भी रिकॉर्ड करके अपलोड किया जा सकेगा।
. शिकायत को विस्तार में बताने के लिए अलग से बाक्स मिलेगा।
. अंत में सबमिट बटन दबाकर शिकायत प्रक्रिया पूरी करनी होगी।
. इसके तुरंत बाद कार्रवाई शुरू हो जाएगी।