कोरोना से बचाव के लिए दिल्ली में जहां एक ओर पहली खुराक का टीकाकरण पूरा हुआ है। वहीं दूसरी खुराक का आंकड़ा भी लगभग 90 फीसदी पार हो गया। किशोर और 12 से 14 वर्ष के बच्चों का टीकाकरण वर्तमान में चल रहा है। ऐसे में कई परिवार ऐसे हैं, जिनकी तीन पीढ़ियां टीका करण करवा चुकी हैं, जबकि कुछ परिवारों में से अभी तक एक या दो सदस्य ने ही टीकाकरण कराया है। महामारी का सामना करते हुए टीकाकरण कराने वाले साहसी परिवार अमर उजाला से बातचीत में औरों से अपील कर रहे हैं कि बीमारी पर जीत हासिल करने के लिए टीका बहुत जरूरी है। लोगों को टीकाकरण कराने में देरी नहीं करनी चाहिए।
हर परिवार को निभानी चाहिए जिम्मेदारी
पटेल नगर निवासी कमलजीत खंडुजा बताते हैं कि उनके परिवार में छह सदस्य हैं। उनके माता पिता, वे और उनकी पत्नी और दो बेटियां। सभी ने टीकाकरण करा लिया है। व्यापारी कमलजीत ने बताया कि उनके पिता 75 वर्षीय जगदीश चंद्र और 68 वर्षीय मां सुदेश रानी को सबसे पहले टीका लगवाया था ताकि जोखिम कम हो सके। इसके बाद 50 वर्षीय कमलजीत और 45 वर्षीय उनकी पत्नी सोनिया ने टीकाकरण कराया। उनकी 22 वर्षीय बेटी नंदिता नौकरी करती है। कुछ ही महीने पहले उसका टीकाकरण पूरा होने के बाद हाल ही में 15 वर्षीय बेटी संचिता को भी टीका लग गया है। कमलजीत का कहना है कि दिल्ली के प्रत्येक परिवार को अपनी जिम्मेदारी निभानी चाहिए।
सुरक्षा कवच को टीकाकरण से किया और मजबूत
कालकाजी निवासी सुशील कुमार का परिवार कोरोना महामारी के शुरुआत से ही मास्क व शारीरिक दूरी का पालन कर रहा है। सुरक्षा कवच को और मजबूत करने के लिए परिवार के अधिकांश सदस्यों ने टीका लगवा लिया है। उन्होंने बताया कि परिवार में माता-पिता व चार भाइयों के परिवार को मिलाकर 14 लोगों का संयुक्त परिवार है। पूरे परिवार ने कोवाक्सिन की खुराक ली है। पिता रामनिवास व माता राजबाला गर्ग तीसरी बूस्टर खुराक भी ले चुके हैं। वहीं, भाई नीरज उनकी पत्नी गीता, अतुल व उनकी पत्नी क्षताक्शी व अमित और उनकी पत्नी रुचि कोरोना की दोनों डोज ले चुकी हैं। इनके अलावा परिवार में तीन व्यस्क शुभम और ओम गर्ग व साक्षी हैं, जिन्होंने कोरोना वैक्सीन के दोनों टीके लगवा लिए हैं। 12 से 14 वर्ष के तीन बच्चे हैं, जिनका टीकाकरण होना है।
परिवार में फैला संक्रमण, अपनाया कोरोना का टीका
दक्षिणी दिल्ली निवासी कमल अरोड़ा ने बताया कि परिवार में दो बेटे-बहू, दो पोते और दो पोतियां हैं। 2020 में उनका परिवार कोरोना बीमारी की चपेट में आ गया था। उस समय परिवार बहुत घबरा गया था, लेकिन परिवार के प्रत्येक सदस्य ने एक दूसरे का ख्याल रखने के साथ हिम्मत से बीमारी को हराया। कमल ने बताया कि परिवार में पति कन्हैया लाल व उन्होंने अक्तूबर 2020 में ही टीकाकरण करवा लिया था। इसके बाद बेटे रितेश, योगेश व बहू दीपा और काजल ने टीका लगवाया। नवंबर में पोते मृत्युंजय और धनंजय अरोड़ा और पोतियां नंदनी और सिमरन अरोड़ा ने भी टीका लगवा लिया। उन्होंने बताया कि टीका लेने के बाद से एक भी बार परिवार कोरोना संक्रमित नहीं हुआ है।