दो युवा इंजीनियर भाइयों ने फांसी लगाया (सांकेतिक तस्वीर)
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पश्चिम दिल्ली के जनकपुरी इलाके में मां की कैंसर से मौत और पिता को लकवा होने से हताश दो युवा इंजीनियर भाइयों ने फांसी लगाकर जान दे दी। कुणाल अग्रवाल (27) और गौरव अग्रवाल (24) के शव सोमवार दोपहर एक ही कमरे में पंखे से लटके मिले। जिले के वरिष्ठ पुलिस अधिकारी पहुंचे तो कमरे में टेबल पर रखा सुसाइड नोट मिला। इसमें दोनों ने अपनी मौत के लिए किसी को भी जिम्मेदार नहीं ठहराया है। क्राइम टीम के अलावा एफएसएल की टीम ने मौके से सक्ष्य जुटाए।
पुलिस के मुताबिक, कुणाल और गौरव परिवार के साथ सी2/165 जीएफ जनकपुरी में रहते थे। इनके परिवार में पिता सुशील कुमार और अन्य सदस्य हैं। सुशील कुमार 20 साल से लकवे के शिकार हैं। वह रेलवे में कांट्रेक्टर हैं। इनकी मां की 23 मार्च 2019 को कैंसर होने के बाद मौत हो गई थी। कुणाल और गौरव ने नरेला और सिरसपुर के अलग-अलग कॉलेजों से इंजीनियरिंग की थी। दोनों पिता के साथ काम करते थे। मां की बीमारी के बाद मौत से दोनों भाई काफी हताश थे। इसी वजह से करीब डेढ़ माह पूर्व दोनों ने घर छोड़ दिया था।
रविवार रात करीब 9:30 बजे दोनों भाई अपने घर पहुंचे। परिजनों से बातचीत के बाद दोनों अपने कमरे में चले गए। सुबह काफी देर तक जब दोनों नहीं उठे तो परिजनों ने 12:30 बजे उनके कमरे में झांका। दोनों एक ही पंखे से फंदे पर लटके दिखे। इसके बाद सूचना पुलिस को दी गई। पुलिस दोनों की मौत को आत्महत्या ही बता रही है। वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों का कहना है कि परिजनों से पूछताछ की जा रही है।