डीजल वाहनों को दिल्ली सरकार से राहत
दिल्ली में वाहनों से बढ़ते प्रदूषण पर शिकंजा कसने के लिए परिवहन विभाग ने एक जनवरी को एक लाख, एक हजार, 247 (101247) डीजल वाहनों का पंजीकरण रद्द कर दिया है। नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (एनजीटी) के आदेश के मुताबिक परिवहन विभाग ने 14 दिसंबर को वाहनों को डी रजिस्टर करने का आदेश जारी किया था। इसके तहत 10 साल से अधिक पुराने डीजल जबकि 15 साल पुराने पेट्रोल वाहनों का पंजीकरण रद्द किए जाना था।
पहले चरण में 10 से अधिक और 15 साल से पहले के डीजल वाहनों को डी रजिस्टर कर दिया गया। वाहन मालिकों को राहत देते हुए दिल्ली सरकार ने पुराने डीजल वाहनों को इलेक्ट्रिक में परिवर्तित करने सहित दूसरे राज्यों में पंजीकरण का भी विकल्प दिया है। परिवहन विभाग ने रेट्रो फिटमेंट करने वाली एजेंसियों की सूची भी वेबसाइट पर जारी कर दी गई है। पुराने वाहनों को पूर्ण तौर पर इलेक्ट्रिक में परिवर्तित करने से वाहन मालिकों को लाखों की बचत होगी और अपने वाहन का अधिक दिनों तक इस्तेमाल कर सकेंगे।
अधिकृत इलेक्ट्रिक किट ही वाहनों में लगाए जा सकते
इलेक्ट्रिक वाहनों से प्रदूषण न होने की वजह से सरकार की ओर से रेट्रो फिटमेंट का विकल्प दिया गया। इसके लिए सरकार की ओर से अधिकृत इलेक्ट्रिक किट ही वाहनों में लगाए जा सकते हैं। परिवहन विभाग की ओर से अगले कुछ दिनों में 15 साल पुराने पेट्रोल वाहनों के नंबर भी डी रजिस्टर्ड किए जाएंगे ताकि दिल्ली के प्रदूषण स्तर में कमी आ सके। परिवहन विभाग के अधिकारियों के मुताबिक दूसरे राज्यों में पंजीकरण के लिए अनापत्ति प्रमाण पत्र (एनओसी) लेना होगा। एनजीटी के आदेश जिन शहरों में लागू नहीं है, वहीं पुराने वाहनों के पंजीकरण के लिए एनओसी जारी की जाएंगी।
मियाद पूरी कर चुके वाहन किए जाएंगे स्क्रैप
प्रदूषण पर शिकंजा कसने के लिए सरकार की ओर से सख्ती बढ़ा दी गई है। पेट्रोल पंप पर वाहनों के नियंत्रित प्रदूषण प्रमाण पत्र की जांच के अलावा ट्रैफिक पुलिस और परिवहन विभाग की टीमें भी लगातार पुराने वाहनों पर कार्रवाई कर रही हैं। डी रजिस्टर्ड वाहनों को अगर सड़कों पर उतारा जाता है तो इन्हें जब्त कर सीधे स्क्रैप के लिए भेजा जा रहा है। इससे दिल्ली में पुराने वाहनों से होने वाले प्रदूषण स्तर में सुधार होगा। अगर, डी रजिस्टर्ड वाहनों को कहीं पार्क किया जाता है तो उन्हें भी उठाकर सीधे स्क्रैप के लिए भेजा जाएगा। इससे वाहनों के स्क्रैप का कारोबार भी बढ़ने लगा है। पुराने वाहनों में 85 फीसदी से अधिक डीजल कारें हैं, जबकि शेष में वाणिज्यिक वाहन शामिल हैं।
रेट्रो फिटमेंट से वाहन मालिकों को मिलेगी राहत
वाहनों के रेट्रो फिटमेंट के लिए एजेंसियों के पास पुराने वाहन मालिक पहुंच रहे हैं। पुराने डीजल वाहनों को इलेक्ट्रिक में परिवर्तित करने के बाद प्रदूषण का खतरा भी नहीं रहेगा। पुराने वाहनों को अगर स्क्रैप कर दिया जाता है तो कार की कीमत का 10-15 फीसदी मिलती है। रेट्रो फिटमेंट के बाद वाहनों की मियाद बढ़ जाएगी और इसका अधिक वर्षों तक इस्तेमाल किया जा सकेगा। इससे वाहन मालिकों को नए वाहन खरीदने के लिए लाखों खर्च नहीं करना होगा। हालांकि कारों के इलेक्ट्रिक रेट्रो फिटमेंट पर भी खर्च अधिक होने की वजह से वाहन मालिक पशोपेश में हैं।