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अमर उजाला खास : स्वस्थ्य व्यक्ति से ज्यादा कोरोना वैक्सीन का असर मधुमेह रोगियों में

Mon, 01 Nov 2021 05:56 AM IST
दुष्यंत शर्मा परीक्षित निर्भय, नई दिल्ली

सार

पहली बार सीरो सर्वे के जरिए सामने आई अहम जानकारी। मधुमेह रोगियों में सीरो पॉजीटिविटी 98 फीसदी से भी ज्यादा। 
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demo pic... - फोटो : सोशल मीडिया
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विस्तार
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शायद सुनकर थोड़ा अजीब लगे लेकिन यह सच है कि एक स्वस्थ्य व्यक्ति की तुलना में कोरोना वैक्सीन का ज्यादा असर मधुमेह रोगियों में दिखाई दे रहा है। इनमें स्वस्थ्य व्यक्ति से ज्यादा एंटीबॉडी विकसित हो रही हैं। 10 में से आठ मधुमेह रोगियों में वैक्सीन असरदार साबित हुई है। पहली बार यह जानकारी दिल्ली सरकार के छठे सीरो सर्वे के जरिए सामने आई है। देश में पहली बार महामारी के फैलाव का असर जानने के लिए सीरो सर्वे में वैक्सीन को भी साथ लिया गया और दिल्ली के मौलाना आजाद मेडिकल कॉलेज के डॉक्टरों ने मधुमेह रोगियों को लेकर अलग से सर्वे में स्थान दिया। 

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स्वास्थ्य विभाग के अनुसार, मधुमेह रोगियों की पांच श्रेणी बनाकर जांच शुरू की थी। कोविशील्ड और कोवाक्सिन की पहली और दूसरी खुराक को मिलाकर चार श्रेणी बनाई थी। जबकि पांचवीं श्रेणी में ऐसे लोगों को रखा गया, जिन्हें मधुमेह की शिकायत थी लेकिन उन्होंने अब तक वैक्सीन की एक भी खुराक नहीं ली है। यह सर्वे 24 सितंबर से दिल्ली के सभी 11 जिलों में शुरू हुआ था जिसके मुताबिक 97 फीसदी आबादी में कोरोना के खिलाफ एंटीबॉडी विकसित होने की संभावना व्यक्त की गई थी। 

मौलाना आजाद मेडिकल कॉलेज (एमएएमसी) के एक वरिष्ठ डॉक्टर ने बताया कि सर्वे के दौरान कोविशील्ड की पहली खुराक लेने वाले 219 और दूसरी खुराक वाले 476 लोगों के सैंपल लिए गए। इसी तरह कोवाक्सिन की पहली खुराक वाले 70 और दूसरी खुराक के 174 लोगों के सैंपल लेकर  जांच की गई तो पता चला कि कोवाक्सिन वाले समूह में 97.1 और 90.80 फीसदी सीरो पॉजीटिविटी मिली है। जबकि कोविशील्ड वाले समूह में यह आंकड़ा 98.20 और 94.50 फीसदी था। गौर करने वाली बात है कि दोनों ही समूह में दूसरी खुराक लेने के बाद एंटीबॉडी के स्तर में गिरावट आई है। 
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इसी तरह पांचवीं श्रेणी के दौरान 313 मधुमेह रोगियों ने वैक्सीन नहीं लेने की जानकारी दी थी जब इनके सैंपल की जांच की गई तो 262 लोग (83.70 फीसदी) में एंटीबॉडी पाई गई थीं। अगर सामान्य व्यक्ति से तुलना करें तो पहली खुराक लेने के बाद 95.10 और दूसरी खुराक के बाद 94.80 फीसदी एंटीबॉडी का पता चला था। 

मधुमेह रोगियों के लिए वैक्सीन सबसे बेहतर
डॉ. प्रिया का कहना है कि मधुमेह रोगियों के लिए वैक्सीन सबसे बेहतर है। कोरोना महामारी का असर मधुमेह रोगियों पर काफी गंभीर हो सकता है। पिछली कुछ लहरों में इसके परिणाम देख भी चुके हैं। ऐसे में जो लोग मधुमेह ग्रस्त हैं और उन्होंने अब तक वैक्सीन नहीं ली है उन्हें तत्काल वैक्सीन लेनी चाहिए। सभी वैक्सीन पूरी तरह से सुरक्षित हैं और देश में हर दिन लाखों लोग इसे ले रहे हैं। 

मधुमेह रोगियों में सीरो पॉजीटिविटी
श्रेणी                                     संख्या                    सीरो पॉजीटिविटी (फीसदी में)                     स्वस्थ्य व्यक्ति
में पॉजीटिविटी 
कोविशील्ड (एकल)               219                        215 (98.20)                                                 95.60
कोविशील्ड (दूसरी)               476                         450 (94.50)                                                
95.30
कोवाक्सिन (एकल)                 70                        68 (97.10)                                                  
92.10
कोवाक्सिन (दूसरी)               174                       158 (90.80)                                                   93
एक भी खुराक नहीं               313                      262 (83.70)                                                   82

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