नई दिल्ली। दिल्ली के निजी स्कूलों मेें नर्सरी दाखिले के लिए पहली सूची चार फरवरी को जारी होनी है। कई स्कूल सूची जारी करने से पहले ही सीट पक्की करने के लिए अभिभावकों से लाखों की फीस मांग रहे हैं। स्कूलों की ओर से अभिभावकों को फोन करके फीस जमा कराने को कहा जा रहा है।
दाखिला विशेषज्ञों की अभिभावकों को सलाह है कि वह दाखिला सूची की प्रतीक्षा करें और स्कूल के झांसे में आने से बचें। मनपंसद स्कूल की दाखिला सूची में नाम आने पर पहले दी गई फीस वापस होने में दिक्कत होगी। वहीं, यदि किसी स्कूल की दाखिला सूची में दाखिले के लिए बच्चे का नाम आ जाता है तो उस स्कूल में सीट जरूर पक्की करें। अभिभावक रचना आर्य के मुताबिक रोहिणी, पीतमपुरा के तीन स्कूलों से उन्हें फोन करके बुलाया गया और सीट पक्की करने के लिए कहा गया। रचना का कहना है कि स्कूलों की ओर से उनसे 50 हजार से एक लाख रुपये तक की फीस मांगी गई। हालांकि, उन्होंने दाखिला सूची का इंतजार करना ही बेहतर समझा है।
एडमिशन नर्सरी डॉट कॉम प्रमुख सुमित वोहरा ने बताया कि उनकी फोरम पर अभिभावक इस बात की शिकायत कर रहे हैं कि उन्हें स्कूल की सीट पक्की करने के लिए अभी से फीस जमा कराने के लिए कहा जा रहा है। जबकि, पहली दाखिला सूची जारी होने में चार दिन शेष हैं। कई अभिभावकों ने शिकायत की है कि उनसे एक लाख रुपये तक की फीस जमा करने के लिए कहा गया है। ऐसे अभिभावकों को उनकी सलाह है कि दाखिला सूची का इंतजार करें और किसी के झांसे मेें ना आएं। वह बताते हैं कि पहले फीस जमा करा दी और दाखिला सूची में किसी मनपसंद स्कूल में दाखिला होगा तो पहली वाली फीस वापस होने में समस्या आएगी। इसका कारण यह भी है कि कई स्कूल फीस रिफंड पॉलिसी को नहीं मानते हैं।
एक से अधिक मूल जन्म प्रमाणपत्र तैयार रखें
अभिभावक दाखिले के लिए एक से अधिक मूल जन्म प्रमाणपत्र तैयार रखें। दाखिले के समय फीस के साथ मूल जन्म प्रमाणपत्र जमा करना होता है। यदि किसी एक सूची में दाखिला हो गया तो मूल जन्म प्रमाणपत्र जल्द ही नहीं मिलेगा। ऐसे में उन्हें किसी दूसरी सूची में दाखिला लेने में दिक्कत आ सकती है।