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आर्थिक तस्वीर : पूर्वी दिल्ली नगर निगम को इस साल मिला 1286.28 करोड़ राजस्व

Wed, 29 Dec 2021 02:47 AM IST
दुष्यंत शर्मा अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली 

सार

इसमें 780.43 करोड़ रूपये दिल्ली सरकार ने वेतन और प्लान स्कीम के तहत दिये। महापौर ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर बताई पूर्वी निगम की आर्थिक स्थिति। 
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demo pic... - फोटो : amar ujala
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विस्तार
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पूर्वी दिल्ली नगर निगम को इस साल 27 दिसंबर तक 1286.28 करोड़ रुपये राजस्व प्राप्त हुआ। इसमें 780.43 करोड़ रुपये दिल्ली सरकार ने वेतन और प्लान स्कीम के तहत निगम को दिया। जबकि अप्रैल-2021 में निगम के पास 300 करोड़ रूपया बैलेन्स था। कुल मिलाकर 1586.28 करोड़ रूपये निगम के पास था, जिसमें से 1494.76 करोड़ रूपया निगम ने वेतन व अन्य मदों पर खर्च किया।

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पूर्वी दिल्ली नगर निगम के महापौर श्याम सुंदर अग्रवाल ने उपमुख्यमंत्री मनीष सिसौदिया की हालिया प्रेस कॉन्फ्रेंस के दावों का जवाब देते हुए मंगलवार को राजस्व के आंकड़े पेश किए। उन्होंने कहा कि पूर्वी दिल्ली नगर निगम का सारा पैसा देने का दावा करने वाली दिल्ली सरकार एकदम सफेद झूठ बोल रही है। दिल्ली सरकार ने इस साल पूर्वी निगम के बजट में 245.93 करोड़ रूपये की कटौती की है। 

तीनों निगमों ने अलग-अलग समय पर अधिकारियों के माध्यम से उपराज्यपाल से मिलकर, पार्षदों ने 10 किलोमीटर पैदल मार्च निकालकर, सीएम कार्यालय में जाकर गुहार लगायी कि निगम कर्मचारी वेतन न मिलने के कारण काफी परेशान हैं। चार महीने से वेतन नहीं मिलने की वजह से उनका चूल्हा नहीं जल रहा है और भुखमरी की नौबत आ गयी है। लोग अपने बच्चों की स्कूल फीस का भुगतान नहीं कर पा रहे हैं, लोन की ईएमआई का भुगतान नहीं कर पा रहे हैं। लंबे समय से पैसे न दे पाने के कारण पड़ोस के दुकानदारों ने राशन देने से मना कर दिया है। 
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महापौर ने कहा कि चौथे वित आयोग की सिफारिशों को विधानसभा से पास करने के बावजूद दिल्ली सरकार ने पूर्वी निगम की 6000 करोड़ रूपये से ज्यादा की राशि अभी तक उपलब्ध नहीं कराई, जिससे निगम की आर्थिक स्थिति खराब हो गई है। आम आदमी पार्टी के नेता प्रेस वार्ता करके, झूठ बोलकर गुमराह कर रहे हैं। इनके नेताओं द्वारा यह बोलना कि हम निगम को सारा पैसा दे चुके हैं, यह सफेद झूठ है। यदि यह सच बोल रहे हैं तो जब कोर्ट में बहस चल रही थी, तो क्यों नहीं अपना लेखा-जोखा पेश किया और क्यों 15 दिनों का समय मांगा।

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