नई दिल्ली। दिल्ली विश्वविद्यालय में अगले दो माह तक नियुक्ति प्रक्रिया पर रोक लगा दी गई है। इसके साथ ही किसी तरह का कोई बड़ा फैसला भी नहीं लिया जा सकता है। डीयू को अब जब तक नया कुलपति नहीं मिल जाता तब तक यह नियुक्ति प्रक्रिया रुकी रहेगी। नियुक्ति प्रक्रिया रोके जाने पर शिक्षकों में रोष है। आम आदमी पाटी के शिक्षक संगठन दिल्ली टीचर्स एसोसिएशन (डीटीए) ने आपत्ति जताई है।
डीटीए का कहना है कि जिस तरह से पूर्व कुलपति ने अपने कार्यकाल में नियुक्ति की, उसी तरह से कार्यवाहक कुलपति भी नियुक्ति प्रक्रिया जारी रखें। डीटीए प्रभारी हंसराज सुमन ने कहा कि यूजीसी की ओर से नियुक्ति प्रक्रिया पर रोक लगाई गई है।
उन्होंने कहा कि बीते तीन महीने से डीयू के विभागों में सहायक प्रोफेसर के पदों पर स्थायी नियुक्ति की प्रक्रिया चल रही थी। साथ ही इन विभागों में लंबे समय से शिक्षकों की रुकी हुई पदोन्नति की प्रक्रिया बेहतर ढंग से चल रही थी।
उन्होंने कहा कि यूजीसी ने नियुक्ति रोके जाने के निर्देश दिए है। पहले ही नियुक्ति प्रक्रिया को लंबे समय से रोके रखा गया था। लेकिन जब से कार्यवाहक कुलपति प्रो पी.सी जोशी ने अपना कार्यभार संभाला है, तब से उनके नेतृत्व में बीते कई महीनों से शिक्षकों की नियुक्ति व पदोन्नति का कार्य चल रहा था।
हंसराज सुमन ने आरोप लगाया कि प्रक्रिया को रोककर आने वाले नए कुलपति से खास विचारधारा के लोगों की नियुक्ति करवाई जाएगी। उन्होंने कहा कि पूर्व कुलपति के समय अंतिम दिन तक नियुक्तियां हुई हैं, ऐसे में अभी कार्यवाहक कुलपति भी नियुक्ति प्रक्रिया जारी रखें।