नई दिल्ली। दिल्ली विश्वविद्यालय शिक्षक संघ (डूटा) के आह्वान पर 12 कॉलेजों में वेतन व ग्रांट की समस्या को लेकर डीयू के शिक्षक एक बार फिर सड़क पर उतरे। बड़ी संख्या में शिक्षकों ने दिल्ली विश्वविद्यालय से एलजी हाउस तक पैदल मार्च किया। मार्च कर रहे शिक्षक डीयू बचाने के नारे लगाते रहे। शिक्षकों ने एलजी से इस मामले में हस्तक्षेप कर इसे हल करने की अपील की।
एक सप्ताह में यह दूसरा मौका है जब शिक्षक सड़क पर उतरे हैं। इससे पहले 15 मार्च को शिक्षकों ने मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल के आवास तक अधिकार रैली निकाली थी। इसके बाद मुख्यमंत्री ने कॉलेजों को 28.24 करोड़ रुपये जारी करने के आदेश दिए थे।
डूटा का कहना है कि दिल्ली सरकार इन 12 कॉलेजों को पैटर्न ऑफ असिस्टेंस दस्तावेज को अपनाने के लिए मजबूर कर रही है। इस पैटर्न को इन 12 कॉलेजों को दिल्ली विश्वविद्यालय से बाहर ले जाने के लिए तैयार किया गया है। सरकार वित्त पोषण से बचने के लिए इन्हें सेल्फ फाइनेसिंग मोड पर चलाने की तैयारी कर रही है।
डूटा अध्यक्ष राजीब रे ने कहा कि एलजी को यह सुनिश्चित करना चाहिए कि दिल्ली सरकार नियमित रूप से त्रैमासिक आधार पर कॉलेजों को अनुदान दे जिससे शिक्षकों व कर्मचारियों को नुकसान न हो।