दिल्ली विश्वविद्यालय के एक प्रोफेसर की केरल बोर्ड के छात्रों पर की गई मार्क्स जिहाद टिप्पणी से विवाद खड़ा हो गया है। किरोड़ीमल कॉलेज के भौतिकी के प्रोफेसर राकेश कुमार पांडेय ने हाल ही में अपनी फेसबुक पर केरल बोर्ड के छात्रों के लिए मार्क्स जिहाद की एक पोस्ट की। इसमें उन्होंने आरोप लगाया कि केरल के शिक्षा बोर्ड ने छात्रों को सौ फीसदी अंक दे डाले हैं। इस कारण से डीयू के विभिन्न कॉलेजों में कुछ कोर्सेज में इसी बोर्ड के छात्रों के दाखिले हो रहे हैं।
राकेश कुमार पांडेय ने अपनी पोस्ट में उदाहरण दिया कि एक कॉलेज के एक कोर्स की 20 सीटों पर 26 दाखिले हो गए। यह दाखिले इसलिए हुए क्योंकि यह केरल बोर्ड के थे, और सभी के अंक सौ फीसदी थे। इसके बाद अपनी पोस्ट में उन्होंने आपत्तिजनक शब्दों में लिखा है कि बीते कुछ सालों से केरल बोर्ड मार्क्स जिहाद लागू कर रहा है। वह आरएसएस से जुड़े दक्षिणपंथी संगठन नेशनल डेमोक्रेटिक टीचर्स फ्रंट के पूर्व अध्यक्ष रहे हैं।
बीते साल दिसंबर में एक ब्लॉग में लिखा था कि दाखिले के ट्रेंड को देखते हुए नीति बनाने वालों को ध्यान देने की जरुरत है। उनकी मार्क्स जिहादी की टिप्पणी पर शिक्षकों ने आपत्ति जताई है। डीयू की कार्यकारी परिषद के पूर्व सदस्य प्रो राजेश झा कहते हैं कि यह टिप्पणी आपत्तिजनक है। विभाजन पूर्ण शब्दों का प्रयोग नहीं होना चाहिए, फिर चाहे छात्र कहीं का भी हो। भड़काऊ शब्दों से परहेज करना चाहिए। डीयू का दाखिला सिस्टम पारदर्शी है। बारहवीं के रिजल्ट मूल्यांकन प्रणाली में सुधार की जरुरत है। स्टूडेंट फेडरेशन ऑफ इंडिया(एसएफआई) की ओर से भी उनकी इस टिप्पणी पर आपत्ति जताई गई है। एसएफआई का कहना है कि यह टिप्पणी स्वीकार्य नहीं है।
डीयू सभी छात्रों को समान रूप से महत्व देता है
दिल्ली विश्वविद्यालय ने उन खबरों का खंडन किया है, जिसमें कहा जा रहा है कि वह कुछ बोर्ड के छात्रों के पक्ष में हैं। डीयू रजिस्ट्रार डॉ विकास गुप्ता की ओर से बयान जारी कर कहा गया है कि एक केंद्रीय विश्वविद्यालय होने के नाते डीयू सभी छात्रों को समान महत्व देता है, भले ही वह किसी भी राज्य व बोर्ड के हों। उन्होंने कहा कि इस वर्ष भी योग्यता के आधार पर आवेदन स्वीकार कर सभी को समान अवसर दिया गया है। एक प्रतिष्ठित केंद्रीय विश्वविद्यालय होने के नाते देश भर के छात्र हमारे कॉलेजों में अध्ययन करने की इच्छा रखते हैं। यह हमारी जि मेदारी है कि सभी मेधावी छात्रों के लिए न्याय और समानता बनाए रखी जाए फिर चाहे वह किसी भी राज्य के किसी भी बोर्ड से हो।
रजिस्ट्रार की ओर से बताया गया कि पहली कट ऑफ में विभिन्न कॉलेजों में देशभर से 60, 904 छात्रों ने आवेदन किया है। इनमें से 46,054 आवेदन सीबीएसई बोर्ड के हैं। जबकि शेष विभिन्न बोर्ड केहैं। सात अक्तूबर शाम तक 31, 172 छात्रों ने डीयू में दाखिला लिया है। केरल बोर्ड से 2,365 छात्रों ने 1450 हरियाणा बोर्ड के छात्रों ने, 1429 सीआईएससीई बोर्ड, और 1301 राजस्थान बोर्ड के छात्र है। वहीं अन्य बोर्ड के छात्रों ने भी दाखिला लिया है।