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Doctors Strike: स्वास्थ्य मंत्री के आश्वासन के बाद भी हड़ताल रहेगी जारी, फोर्डा ने लिया फैसला

Tue, 28 Dec 2021 10:11 PM IST
अनुराग सक्सेना एएनआई, नई दिल्ली

सार

रेजिडेंट डॉक्टरों के हड़ताल पर रहने से दिल्ली में लोगों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। सफदरजंग अस्पताल में ओपीडी सेवा प्रभावित रही।
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स्वास्थ्य मंत्री मनसुख मंडाविया के साथ बैठक करते रेजीडेंट डॉक्टर - फोटो : ANI
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विस्तार
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नीट-पीजी काउंसलिंग जल्द कराए जाने और प्रदर्शन के दौरान डॉक्टरों पर पुलिस की कथित कार्रवाई के लिए माफी मांगने की मांग को लेकर फेडरेशन ऑफ रेजीडेंट डॉक्टर्स एसोसिएशन (फोर्डा) ने मंगलवार को केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री मनसुख मंडाविया से मुलाकात की। इस दौरान मंडाविया ने उनसे हड़ताल रद्द करने की मांग की। स्वास्थ्य मंत्री ने उन्हें नीट-पीजी की काउंसलिंग जल्द कराने का आश्वासन दिया था लेकिन फोर्डा ने सभी आरडीए से बैठक के बाद हड़ताल जारी रखने का निर्णय लिया है। इससे पहले एम्स दिल्ली के रेडीजेंट डॉक्टर्स एसोसिएशन (आरडीए) ने 29 दिसंबर को हड़ताल वापस लेने का फैसला किया था।

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बैठक के बाद मंडाविया ने कहा, मैंने सभी रेजीडेंट डॉक्टरों के साथ बैठक की। हम अभी काउंसलिंग नहीं करा सकते क्योंकि मामला सुप्रीम कोर्ट में विचाराधीन है। मामले की छह जनवरी को सुनवाई है। उम्मीद है कि नीट-पीजी की काउंसलिंग जल्द शुरू होगी।

फोर्डा के अध्यक्ष डॉ. मनीष ने कहा कि बैठक में स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि छह जनवरी को कोर्ट में सुनवाई में वो कोशिश करेंगे कि काउंसलिंग की तारीख़ आ जाए और रेजिडेंट डॉक्टर के साथ कल पुलिस की मारपीट के लिए हमने दिल्ली पुलिस की तरफ से माफी मांगी। उन्होंने खेद जताया और कहा कि लिखित में माफी मिल जाएगी। फोर्डा के अध्यक्ष के अनुसार, स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि एफआईआर को वो रद्द करा देंगे।
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डॉक्टरों पर बल प्रयोग नहीं हुआ- एडिशनल पुलिस कमिश्नर

वहीं दिल्ली की अतिरिक्त पुलिस आयुक्त सुमन गोयल ने कहा, कल सुबह करीब 9:30-10 बजे कुछ डॉक्टरों ने प्रदर्शन करते हुए ITO जंक्शन जाम कर दिया। वो अपनी मांगों को लेकर सुप्रीम कोर्ट की तरफ मार्च करना चाह रहे थे। उन्हें रोका गया तो वो ITO जंक्शन पर बहादुरशाह जफर रोड पर बैठ गए। 

उन्होंने कहा कि दिनभर जंक्शन जाम रहा। वो लोग फिर सुप्रीम कोर्ट की तरफ मार्च करना चाहते थे, इस दौरान एहतियातन कुछ डॉक्टर को हिरासत में लिया गया। इनका आरोप है कि इनके साथ मारपीट हुई और बल प्रयोग हुआ। हालांकि किसी तरह की फोर्स का इस्तेमाल नहीं किया गया है।
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