नई दिल्ली। आर्थिक अपराध शाखा ने निवेशकों के 93.31 करोड़ रुपये की हेरोफेरी मामले में शनिवार की कोलकाता के ट्रेडिंग कंपनी के एक निदेशक को गुजरात के वडोदरा से गिरफ्तार किया है। आरोप है कि कंपनी ने निवेशकों के शेयर गिरवी रखकर उनकी रकम को हड़प लिया। सेबी ने भी कंपनी पर प्रतिबंध लगा दिया था।
आर्थिक अपराध शाखा के अतिरिक्त पुलिस आयुक्त आर के सिंह ने बताया कि आरोपी की पहचान गरियाहाट, कोलकाता निवासी मुरगेश भास्कर के रूप में हुई है। राधिका पूरी और स्वर्गीय अमृतपुरी ने वर्ष 2020 में कोलकाता की ट्रेडिंग कंपनी बीआरएच वेल्थ क्रिएटर्स पर 3.5 करोड़ रुपये का गबन करने की शिकायत की। उन्होंने बताया कि कंपनी ने उनकी सहमति के बिना उनकी राशि को गिरवी रखा और बाद में उसे हड़प लिया है। सेबी ने जांच पाया कि कंपनी ने निवेशकों की रकम का दुरुपयोग किया है। जांच में निवेशकों के 93.31 करोड़ रुपये की हेराफेरी की बात सामने आई। नियमों का उल्लंघन पाए जाने पर सेबी ने कंपनी के खिलाफ एक आदेश पारित किया और कंपनी को बाजार में प्रवेश पर प्रतिबंध लगाते हुए उसकी संपत्ति को जब्त कर लिया।
जांच के दौरान पुलिस को पता चला कि कंपनी ने निवेशकों के शेयरों को कंपनी का बताकर बैंक से ओवरड्राफ्ट की सुविधा ले ली और रकम की हेराफेरी करने लगे। एचडीएफसी बैंक ने इस बात की पुष्टि की कि कंपनी ने ओवरड्राफ्ट सुविधा लेने के आवेदन पत्र में निवेशकों के शेयर को भी कंपनी का मालिकाना हक बताया। इस खुलासे के बाद अदालत ने कंपनी के निदेशकों के खिलाफ गैर जमानती वारंट जारी कर दिया। शाखा की टीम ने निदेशक मुरगेश भास्कर की गिरफ्तारी के लिए कोलकाता में दबिश दी, लेकिन कंपनी और आवास बंद मिला। तकनीकी जांच से पुलिस को पता चला कि आरोपी वडोदरा में है। इस पुलिस की एक टीम ने शनिवार को वहां दबिश देकर उसे गिरफ्तार कर लिया। जांच में पता चला कि मुरगेश एमबीए करने के बाद कंपनी में सात साल से काम कर रहा था और बाद में उसे कंपनी का निदेशक बना दिया गया।