कोरोना संक्रमण के साथ ही ओमिक्रॉन के बढ़ते मामलों ने एक बार फिर राजधानी के दवा बाजार में उथल-पुथल मचाई है। स्थिति यह है कि बीते 15 दिन में ही दवा बाजार में दिल्ली के अलावा नोएडा, गाजियाबाद सहित पूरे एनसीआर से मांग आना शुरू हो चुकी है। इसमें मास्क, सैनिटाइजर के अलावा आयुष कव्वाथ (काढ़ा) और मल्टी विटामिन की गोलियां तक शामिल हैं। इनके अलावा दवा बाजार में ऑक्सीजन के छोटे सिलेंडर (एक-एक लीटर) की मांग भी है।
भागीरथी पैलेस के दवा विक्रेता सुमित बसंल ने इसकी पुष्टि करते हुए बताया कि पिछले दो सप्ताह में सबसे अधिक मांग आई है। उन्होंने बताया कि दूसरी लहर निकलने के बाद सितंबर-अक्तूबर तक मास्क और सैनिटाइजर इत्यादि की मांग करीब न के बराबर होने लगी थी लेकिन ओमिक्रॉन की खबरें आने के करीब दो या तीन दिन बाद ही हमारे पास ऑर्डर आना शुरू हो चुके हैं। इन्हीं के साथ एक अन्य विक्रेता विवेक केटी बताते हैं कि इस बार ऑर्डर दूसरी लहर जितने बराबर ही आ रहे हैं। यहां दवाओं का थोक कारोबार होता है। दिल्ली के साथ साथ आसपास के ज्यादातर दुकानदार और व्यापारी यहीं से अधिकतर दवाओं के ऑर्डर देते हैं।
दवा विक्रेता संघ के प्रभाकर बताते हैं कि आठ दिसंबर के बाद से अब तक अनुमानित तौर पर 40 फीसदी से भी ज्यादा मास्क, सैनिटाइजर और आयुष क्वाथ की मांग बढ़ी है। आयुर्वेदिक काढ़े में ज्यादातर छोटे पाउच और 100 ग्राम के पैकेट की मांग अधिक है। इनके अलावा मल्टी विटामिन्स की गोलियां चूंकि पहले से ही बिक्री में रहती हैं। इसलिए भी दवा दुकानदार इन्हें खरीद रहे हैं।
दरअसल राजधानी में ओमिक्रॉन का पहला मामला पांच दिसंबर को मिला था। तब से लेकर अब तक इनकी संख्या बढ़कर 79 हुई है। 10 दिसंबर के बाद ही राजधानी में कोरोना संक्रमण की दैनिक दर 0.10 फीसदी से अधिक निकली और अब यह 0.30 फीसदी तक पहुंच गई है।
री यूजेबल मास्क के ऑर्डर लाखों में
दवा विक्रेताओं का कहना है कि बाजार में अभी री यूजेबल यानी एक बार से अधिक इस्तेमाल होने वाले मास्क की मांग सबसे अधिक है। अगर सर्जिकल या नॉन मेडिकल इस्तेमाल वाले मास्क की तुलना करें तो री यूजेबल का ऑर्डर लाखों में है। वहीं सैनिटाइजर को लेकर बात करें तो बाजार में कई लिक्विड की मांग अधिक है। पहले जैली वाला पसंद किया जा रहा था लेकिन अब लिक्विड से ज्यादा लोग मांग रहे हैं। इसके बाद में पांच-पांच लीटर की बोतल भी आपूर्ति में है।