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दिल्ली चिड़ियाघर को कोलकाता से मिल सकता है जिराफ

Thu, 30 Sep 2021 06:26 AM IST
दुष्यंत शर्मा किशन कुमार,  नई दिल्ली

सार

पाइपलाइन में चल रहा है प्रस्ताव, इस साल के अंत तक हो सकता है दीदार।
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जिराफ - फोटो : Pixabay
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विस्तार
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दिल्ली चिड़ियाघर में जिराफ को देखने की चाह रखने वाले पर्यटकों का इंतजार खत्म हो सकता है। यदि सब कुछ ठीक ठाक रहा तो आने वाले दिनों में चिड़ियाघर में एक बार फिर जिराफ का दीदार हो सकेगा। इस संबंध में दिल्ली चिड़ियाघर ने प्रयास तेज कर दिए हैं और कोलकाता के अलीपुर चिड़ियाघर से जिराफ को लाने की प्रक्रिया चल रही है। 

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चिड़ियाघर के एक अधिकारी के मुताबिक, चिड़ियाघर में जिराफ की कमी काफी लंबे समय से महसूस की जा रही है। इस संबंध में दिल्ली चिड़ियाघर ने कोलकाता स्थित अलीपुर चिड़ियाघर से जिराफ की मांग की है। उन्होंने जिराफ को देने के लिए सहमति भी दे दी है, जिसके बाद प्रक्रिया को पूरा किया जा रहा है। उम्मीद है कि इस वर्ष के अंत तक वन्यजीव प्रेमी जिराफ का भी दीदार कर सकेंगे। क्योंकि, जरूरी प्रक्रिया पूरी होने के बाद सर्दी में वन्यजीवों को लाने व ले जाने में वन्यजीवों को परेशानी नहीं होती है। ऐसे में यह पूरी प्रक्रिया पाइपलाइन में है। अधिकारी ने कहा कि कोलकाता से जिराफ आने के बाद दिल्ली से भी वन्यजीव को भेजा जाएगा। 

अंकित जिराफ की हार्ट अटैक से हो गई थी मौत
चिड़ियाघर में इससे पहले अंकित नाम का जिराफ हुआ करता था। वर्ष 2015 में अंकित की मौत हार्ट अटैक और किडनी फेल होने के कारण हो गई थी। अंकित जिराफ वर्ष 1990 में कोलकाता से लाए गए जिराफ जोड़े की संतान था। इसके बाद से दिल्ली चिड़ियाघर में जिराफ की कमी महसूस की जा रही है। हालांकि, यह पहली बार नहीं है जब चिड़ियाघर में जिराफ को लाने के लिए प्रयास किए जा रहे हैं। इससे पहले वर्ष 2019 में भी प्रशासन ने अलीपुर, पटना और मैसूर के चिड़ियाघर को पत्र लिखकर जिराफ की मांग की थी, लेकिन जिराफ नहीं आ सके थे। 
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थाइलैंड से भी जिराफ लाने की हो चुकी है कोशिश
चिड़ियाघर न सिर्फ देश के चिड़ियाघरों से जिराफ की मांग कर चुका है। बल्कि, थाईलैंड के चिड़ियाघर को भी पत्र लिखा गया था। उस समय वहां से तीन मादा व दो नर जिराफ को लाने की उम्मीदें तेज हो गई थी, लेकिन अंतिम समय पर बात नहीं बन पाने के कारण यह प्रस्ताव भी ठंडे बस्ते में चला गया था। इसके बाद देश के विभिन्न चिड़ियाघरों से संपर्क किया गया था।

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