संतों ने ईदगाह, ब्रिजपुरी, मुस्तफाबाद के दंगाग्रस्त इलाकों में पहुंचकर दंगा प्रभावितों से मुलाकात की। स्वामी जी ईदगाह पर बनाए गए रिलीफ कैंप में भी पहुंचे और प्रभावित परिवारों के प्रति संवेदना व्यक्त की।
उन्होंने कहा कि देश के सभी धर्मो के लोग एक हैं। उन्होंने कहा कि जब जल, हवा, सूरज और संपूर्ण सृष्टि सबको एक तरह से रखती है, तो किसी से भेदभाव और हिंसा क्यों करनी चाहिए।
दोनों संतों के नेतृत्व में लोगों ने 'इंसान का इंसान से हो भाईचारा, यही पैगाम हमारा' गाते हुए और सांप्रदायिक सौहार्द्र बनाए रखने के नारों के बीच ईदगाह से फारूकिया मस्जिद तक शांति मार्च निकाला।
इन जगहों पर सांप्रदायिक हिंसा फैल गई थी, जिससे भारी नुकसान हुआ था। उन्होंने मस्जिद और मदरसा कमेटी से मिलकर कहा कि इस वक्त में वे उनके साथ खड़े हैं।