रिहाई के बाद आरोपी बोले जेल में मिला भारी समर्थन
दूसरी ओर से जेल से छूटने के बाद जेएनयू की छात्रा नताशा नरवाल ने कहा कि उन्हें जेल में भारी समर्थन मिला और वे अपना संघर्ष जारी रखेंगे। जेएनयू छात्रा नताशा नरवाल और देवांगना कलिता ने अपने मित्रों और समर्थनों का धन्यवाद, जो उनकी एक साल बाद रिहाई के मौके पर काफी संख्या में जेल के बाहर इकट्ठा हुए थे।
पिंजरा तोड़ महिला समूह की कार्यकर्ता नताशा नरवाल ने हाईकोर्ट को जमानत देने के लिए धन्यवाद करते हुए कहा कि जब उन्हें गिरफ्तार किया गया तो उन्हें कई माह ये विश्वास करने में लगे कि उन्हें इतने संगीन आरोपों में गिरफ्तार किया गया है।
वहीं देवांगना कलिता ने कहा कि अपनी आवाज उठाने के लिए लोगों को जेलों में बंद कर देते हैं। वे लोगों की आवाज और विरोध को दबाने की कोशिश कर रहे हैं। हमें जेल में लोगों का भारी समर्थन मिला जिससे हमें वहां बचे रहने में मदद मिली। जेल से रिहाई में देरी पर कलिता ने कहा कि इस पर विश्वास नहीं होता, क्योंकि उन्हें दो-तीन पहले ही जमानत मिल गई थी। तब भी हम जेल में थे। हमें उम्मीद थी कि कोई पुलिस अधिकारी आएगा और हमें गिरफ्तार कर लेगा।