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लाल किला हिंसा: दीप सिद्धू समेत अन्य आरोपियों के खिलाफ पूरक आरोप-पत्र दायर, अदालत 19 को करेगी सुनवाई

Thu, 17 Jun 2021 08:24 PM IST
सुशील कुमार कुमार अमर उजाला ब्यूरो, नई दिल्ली

सार

अदालत ने कहा कि मामले के जांच अधिकारी ने उन प्रत्यक्षदर्शियों के नाम का जिक्र किया है, जो हिंसा में गंभीर रूप से घायल हुए या जिनसे हथियार छीने गए थे।
 
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दीप सिद्धू - फोटो : वीडियो से लिया गया स्क्रीनशॉट
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विस्तार
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गणतंत्र दिवस पर हुई लाल किला हिंसा मामले में दिल्ली पुलिस ने अभिनेता-कार्यकता दीप सिद्धू व अन्य आरोपियों के खिलाफ पूरक आरोपपत्र दाखिल किया है। तीस हजारी अदालत के मुख्य महानगर दंडाधिकारी गजेंद्र सिंह नागर ने पूरक आरोपपत्र के संज्ञान पर 19 जून को दोपहर दो बजे आदेश जारी करेंगे। 

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जांच अधिकारी ने उन गवाहों के नाम कोर्ट को बताए जो हिंसा में बुरी तरह घायल हुए थे या जिनसे हथियार छीने गए थे। पेश मामले में प्रदर्शनकारी किसानों की 26 जनवरी को आयोजित ट्रैक्टर परेड में पुलिस से हिंसक झड़पें हुई थीं। तीन कृषि कानूनों का विरोध कर रहे किसान लाल किले में घुस गए थे और वहां बहुत से पुलिसवालों को जख्मी कर दिया था। 

इस मामले की जांच की जिम्मेदारी दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच को सौंपी गई थी। क्राइम ब्रांच ने 17 मई को सिद्धू समेत 16 आरोपियों के खिलाफ आरोपपत्र दाखिल कर मुकदमा चलाने का आग्रह किया था। पुलिस ने हिंसा मामले में कथित मुख्य साजिशकर्ता सिद्धू को नौ फरवरी को गिरफ्तार किया था। पुलिस ने उस पर लाल किले पर उपद्रव भड़काने का भी आरोप लगाया था।
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वहीं इससे पहले दिल्ली पुलिस की अपराध शाखा ने लाल किले पर हिंसा फैलाने के मामले में दीप सिद्धू, इकबाल सिंह, मनिंदर मोनी और खेमप्रीत सहित 16 लोगों के खिलाफ तीस हजारी अदालत में आरोप पत्र दाखिल किया था। करीब तीन हजार पृष्ठों के आरोप पत्र में संबंधित गवाहों के बयानों, दस्तावेज के अलावा 250 पृष्ठ में ऑपरेशनल पार्ट शामिल है।

ऑपरेशनल पार्ट में यह दर्शाया गया है कि किस प्रकार इस पूरी साजिश को रचा व अंजाम दिया गया। इस मामले में लक्खा सिधाना सहित छह अन्य आरोपी अभी भी फरार चल रहे हैं। 

 

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आरोपपत्र में पुलिस ने लाल किले पर हुई हिंसा को पूर्व नियोजित बताया है। पुलिस ने कहा कि जांच में पाया गया कि इस हिंसा की पहले से ही तैयारी थी। इसे अचानक हुई हिंसा कहना गलत है, क्योंकि दंगाई हथियारों के साथ घटनास्थल पर पहुंचे थे। उनके पास तलवार, हॉकी, डंडे जैसे हथियार थे। इन्होंने वहां जमकर उपद्रव मचाया। पुलिस के मुताबिक, ट्रैक्टर रैली की आड़ में इस हिंसा को अंजाम दिया गया।

पुलिस ने किसानों को शांतिपूर्ण तरीके से ट्रैक्टर रैली करने की अनुमति दी थी, लेकिन ट्रैक्टर के साथ मोटरसाइकिल पर सवार होकर करीब तीन सौ उपद्रवी वहां पहुंचे थे। वहां उन्होंने लाल किले के अंदर बलपूर्वक प्रवेश कर जमकर उत्पात मचाया। एक समय तो ऐसा आया कि उपद्रवियों ने लाल किले पर कब्जा कर लिया था।
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