सूचना मिलने के बाद बिछाया जाल
स्पेशल सेल के पुलिस उपायुक्त संजीव कुमार यादव ने बताया कि उनकी टीम को जानकारी मिली थी कि कुछ बदमाश लगातार नीरज बवानिया और टिल्लू ताजपुरिया गैंग के बदमाशों को हथियार सप्लाई कर रहे हैं। बदमाश एक दूसरे से व्हाट्सएप या टेलीग्राम एप पर संपर्क करते हैं। पुलिस ने इनकी जानकारी जुटाई। छानबीन के बाद 18 जनवरी को टीम को खबर मिली कि एक बदमाश बवाना इलाके में हथियारों की सप्लाई करने आने वाला है। खबर मिलने के बाद पुलिस की टीम द्वारा बवाना स्थित पेट्रोल पंप के पास ट्रैप लगा दिया।
डीयू के रामजस कॉलेज से स्नातक है मनीष
पुलिस ने आरोपी की पहचान कर बाइक सवार युवक को दबोचने का प्रयास किया तो उसने फरार होने की कोशिश की। पुलिस ने आरोपी को काबू कर लिया। आरोपी की पहचान मनीष के रूप में हुई। मनीष ने डीयू के रामजस कॉलेज से स्नातक किया है। उसके पास से मिले बैग से 17 पिस्टल व तमंचे बरामद हुए। पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर रिमांड लेकर पूछताछ शुरू की। उससे पूछताछ के आधार पर ही पुलिस की टीम ने 20 जनवरी को कार सवार दूसरे आरोपी को दबोच लिया।
दूसरे आरोपी शौकीन के पास से कार से 10 तमंचे व शार्ट गन के अलावा एक कारतूस बरामद हुआ। आरोपी ने बताया कि वह पिछले 10-12 सालों से अवैध हथियारों का धंधा कर रहा है। उसकी पहचान नीरज बवाना गैंग के लोकेश से हुई, जिसके कहने वह हथियारों की सप्लाई कर रहा था। वहीं दूसरी ओर मनीष ने बताया कि वह अपने बुआ के लड़के लोकेश व अमित के साथ मिलकर बदमाशी करने लगा था। लोकेश जेल में बंद है। उसके पास से मिले हथियार वह चीकू और लोकेश के कहने पर लाया था। पुलिस दोनों से पूछताछ कर मामले की छानबीन कर रही है।