यात्रियों से सलीके से न पेश आने पर हुई सख्ती
ई रिक्शा चालकों में अनुशासन की कमी के सर्वाधिक मामले हैं। इसमें भीड़भाड़ में बेतरतीब ड्राइविंग, यात्रियों को गंतव्य तक न पहुंचाने या बीच में छोड़ देने के मामले दर्ज हैं। उत्तम नगर, नांगलोई चौक, पीरा गढ़ी सहित अन्य क्षेत्रों में ई रिक्शा की भारी मौजूदगी को देखते हुए विशेष अभियान चलाया गया। गलत पार्किंग पर रोक लगाने के लिए कर्मियों को तैनात किया गया। इसके बाद भी नियमों की अनदेखी करने वालों के वाहन जब्त कर लिए गए।
कई विशिष्ट सड़कों पर नहीं है ई रिक्शा को इजाजत
विशेष अभियान के तहत हुई कार्रवाई से सड़कों पर वाहनों के लगने वाले जाम, दुर्घटनाओं में कमी के साथ ही पैदल चलने वालों के लिए भी जगह मिलने सहित कई और सुधार दिखने लगे हैं। नई दिल्ली रेंज में मंदिर मार्ग, चाणक्यपुरी, महिपालपुर, एनएच-48 और स्टेशन रोड इनमें शामिल हैं। दक्षिणी रेंज में वसंत विहार, साकेत, महरौली, लाजपत नगर, ग्रेटर कैलाश, संगम विहार, कालकाजी, सुखदेव विहार और सरिता विहार इनमें शामिल हैं। ट्रैफिक के एक वरिष्ठ अधिकारी के मुताबिक पश्चिमी इकाई की तुलना में इन जगहों पर कम मामले रहे क्योंकि नई दिल्ली और दक्षिणी रेंज में कई सड़कों पर ई-रिक्शा के परिचालन की इजाजत नहीं हैं।
सड़क पार करने के लिए नो एंट्री में करना पड़ता है प्रवेश
ई रिक्शा से संबंधित एक अधिसूचना के मुताबिक एक नियत स्थान से आगे सड़कों पर चलने की अनुमति नहीं है। इसके मुताबिक पीडब्ल्यूडी को ई रिक्शा के लिए चेतावनी लगाने के निर्देश दिए हैं। ई-रिक्शा एसोसिएशन के साथ होने वाली बैठकों में उन्हें प्रतिबंधित सड़कों पर न चलने की हिदायत दी गई है। उनकी दलील है कि यात्रियों को बिठाने के बाद उन्हें कभी कभी नो एंट्री जोन से भी गुजरना पड़ता है। ऐसे में यात्रियों को बीच में उतरने के लिए नहीं कह सकते हैं, क्योंकि दूसरी तरफ भी प्रवेश पर पाबंदी है।