दिल्ली के बाजारों को आधुनिक बनाने में दिल्ली सरकार एक बार फिर सक्रिय दिखाई दे रही है। रोजगार बजट में घोषित बाजारों के सौदर्यीकरण और आधुनिक सुविधा देने पर ध्यान केंद्रित किया है। इसके तहत गांधी नगर मार्केट को ‘गारमेंट हब’ बनाया जाएगा। इस बाजार को चांदनी चौक के ही तर्ज पर खूबसूरत बनाया जाएगा। इस बाबत दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने उच्चस्तरीय बैठक कर पुनर्विकास योजना की समीक्षा की। मार्केट के अधिकांश मुद्दे एमसीडी के अंतर्गत आते हैं। लिहाजा एमसीडी को ही बतौर कार्यकारी एजेंसी नियुक्त किया जाएगा।
समीक्षा बैठक में केजरीवाल ने उद्योग विभाग को गांधी नगर मार्केट के पुनर्विकास का काम तेज करने का निर्देश दिया। मुख्यमंत्री ने उद्योग विभाग को जल्द से जल्द कंसल्टेंट हायर करने और अगले छह महीने के अंदर डिजाइन तैयार करने का निर्देश दिया है। बिजली के तारों को भूमिगत करने, चौड़ी सड़क बनाने, छोटी सड़कों को बेहतर करने और व्यापारियों से बातचीत कर अतिक्रमण को भी खत्म करने का निर्देश दिया है। इस दौरान उद्योग मंत्री सौरभ भारद्वाज और विभाग के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे। मुख्यमंत्री ने दिल्ली सरकार रोजगार बजट में अपनी घोषणाओं को पूरा करने के लिए प्रतिबद्धता दिखाई है। अगले पांच साल में दिल्ली में नौकरी के 20 लाख नए अवसर पैदा करना है।
दिल्ली को अनूठी पहचान देता है गांधी नगर
केजरीवाल ने कहा कि गांधी नगर दिल्ली को एक अनूठी पहचान देता है। महत्वाकांक्षी परियोजनाओं में से एक है जो दिल्ली की अर्थ व्यवस्था को बढ़ाने और हजारों की संख्या में रोजगार देने में मील का पत्थर साबित होगा। पुनर्विकास से न केवल इसे एक नई पहचान मिलेगी, बल्कि व्यापारियों के व्यापार में भी वृद्धि होगी। शॉपिंग करने का नया अनुभव प्राप्त होगा।
वेयर हाउस भी बनाया जाएगा : भारद्वाज
दिल्ली के उद्योग मंत्री सौरभ भारद्वाज ने बताया कि डिजाइन और प्रोजेक्ट प्रबंधन का काम आर्किटेक्चरल इंस्टीट्यूट स्कूल ऑफ प्लानिंग एंड आर्किटेक्चर के प्रोफेसर मनोज माथुर और उनकी टीम द्वारा किया जाएगा। यहां वेयर हाउस बनाया जाएगा। पब्लिक सुविधाएं, मैप, स्ट्रीट फर्नीचर समेत अन्य सुविधाएं मुहैया कराई जाएंगी। ड्रेनेज सिस्टम ठीक किया जाएगा, ताकि बारिश के दौरान जल भराव न हो। पीने का पानी, सीसीटीवी कैमरा और शौचालय की सुविधा होगी। इस पर करीब 150 करोड़ रुपए खर्च किए जाएंगे।
दो फेज में काम पूरा होगा
फेज- एक : पहले चरण के तहत स्थानीय व्यापारियों के तत्कालीन समस्याओं को दूर किया जाएगा। जनसुविधाएं, पेयजल व अन्य सुविधाओं की व्यवस्था की जाएगी। सीसीटीवी कैमरे व सिक्योरिटी मॉनिटरिंग सिस्टम स्थापित किया जाएगा। स्ट्रीट लाइट व स्ट्रीट फर्नीचर को री-डिजाइन किया जाएगा। विजुअल इनफार्मेशन सिस्टम स्थापित किए जाएंगे।
फेज दो : मार्केट के अर्बन डिजाइनिंग व आर्किटेक्चर पर फोकस किया जाएगा। साथ ही मार्केट के राष्ट्रीय-अंतरराष्ट्रीय मार्केटिंग, डिजिटलाईजेशन, अग्निशमन सुविधाएं स्थापित करना व मौजूदा सुविधाओं को अपग्रेड करना आदि शामिल होगा।