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दिल्ली दंगा : पूर्व पार्षद ताहिर, शाह आलम समेत छह पर चलेगा मुकदमा

Sat, 15 Oct 2022 05:48 AM IST
दुष्यंत शर्मा अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली

सार

Delhi riots: अदालत ने दिल्ली दंगों के एक मामले में आम आदमी पार्टी के पूर्व पार्षद ताहिर हुसैन, भाई शाह आलम समेत 6 के खिलाफ आरोप तय कर दिए। अदालत ने कहा, भीड़ ने एक वर्ग विशेष को मारने और उनकी संपत्ति को नुकसान पहुंचाने की साजिश रची थी।
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demo pic... - फोटो : amar ujala
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विस्तार
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अदालत ने दिल्ली दंगों के एक मामले में आम आदमी पार्टी के पूर्व पार्षद ताहिर हुसैन, भाई शाह आलम समेत 6 के खिलाफ आरोप तय कर दिए। अदालत ने कहा, भीड़ ने एक वर्ग विशेष को मारने और उनकी संपत्ति को नुकसान पहुंचाने की साजिश रची थी। घटना में अजय झा नाम के व्यक्ति को गोली से चोट आई थी। अदालत ने स्पष्ट किया कि सभी आरोपियों के खिलाफ दंगा, हत्या, हत्या के प्रयास, दो समुदायों के बीच शत्रुता पैदा करने इत्यादि के अपराध में मुकदमा चलाने के पर्याप्त साक्ष्य है।

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अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश पुलस्त्य प्रमाचला ने ताहिर हुसैन, शाह आलम, गुलफाम, तनवीर मलिक, नाजिम और कासिम के खिलाफ आईपीसी की धारा 147, 148, 153ए, 302, 307, 120बी, और 149 के तहत आरोप तय किए। आरोपी गुलफाम और तनवीर मलिक के खिलाफ आर्म्स एक्ट की धारा 27 के तहत अतिरिक्त आरोप तय किए गए हैं।

छह आरोपियों के खिलाफ आरोप तय करते हुए अदालत ने कहा कि केवल इसलिए कि चश्मदीद गवाहों के बयान देरी से दर्ज किए गए थे, यह अभियोजन पक्ष और गवाहों को कारण बताने का अवसर दिए बिना उन्हें अविश्वसनीय घोषित नहीं कर सकता। अदालत ने कहा किसी को यह नहीं भूलना चाहिए कि प्रासंगिक समय पर दिल्ली में कुछ दिनों तक दंगे जारी रहे। दिल्ली पुलिस और अन्य सुरक्षा बलों को दंगों को रोकने के लिए सेवा में लगाया गया था। इसलिए दंगों की प्रत्येक घटना की जांच शुरू करने के बजाय पुलिस का ध्यान दंगों को नियंत्रित करने के पहलू पर अधिक था।
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अंधाधुंध गोलीबारी का मकसद वर्ग विशेष को मारना था : कोर्ट
अदालत ने कहा दूसरों पर अंधाधुंध गोलीबारी यह स्पष्ट करती है कि यह भीड़ जानबूझकर एक वर्ग विशेष को मारना चाहती थी। यह नहीं कहा जा सकता है कि आरोपी व्यक्ति इस भीड़ के इस तरह के उद्देश्य से बेखबर थे। यह एक गैरकानूनी सभा थी जो उक्त उद्देश्य के अनुसरण में काम कर रही थी। अदालत ने कहा पीड़ितों और गवाहों में भी किसी के खिलाफ शिकायत करने का साहस नहीं था। वे अपनी सुरक्षा के बारे में अधिक चिंतित थे। अदालत ने कहा अभियोजन पक्ष ने प्राथमिकी में स्पष्ट किया है कि दंगे करने के लिए एक बड़ी साजिश के आरोप से संबंधित है।

दंगे में हवलदार रतन लाल की हत्या की साजिश में शामिल महिला गिरफ्तार
दिल्ली दंगों के दौरान हवलदार रतनलाल की हत्या की साजिश में शामिल महिला को पुलिस ने गिरफ्तार किया है। महिला को अदालत ने 5 सितंबर, 2020 में भगोड़ा करार दिया था। पुलिस ने इसकी गिरफ्तारी पर 50 हजार रुपये का इनाम घोषित कर रखा था। महिला पर हत्या के समय भीड़ जमा करने का आरोप है। गिरफ्तार महिला की पहचान रवीश (27) के रूप में हुई है। वह मौजपुर के सुभाष मोहल्ला की रहने वाली है।

दंगे के बाद से आरोपी महिला जाफराबाद में ही छिप कर रह रही थी और नोएडा स्थित एक कंपनी में नौकरी कर रही थी। जिला के पुलिस उपायुक्त संजय कुमार सैन ने बताया कि जिले की स्पेशल स्टाफ की टीम महिला की गिरफ्तारी का लगातार प्रयास कर रही थी। जांच के दौरान पुलिस को पता चला कि आरोपी महिला फोन का इस्तेमाल नहीं कर रही है। तकनीकी जांच से पता चला कि रवीश के परिवार का एक सदस्य नोएडा सेक्टर 63 की एक कंपनी के कस्टमर केयर के नंबर पर बार बार फोन करता है।  

अमानतुल्लाह व 10 अन्य के खिलाफ दायर आरोपपत्र पर संज्ञान के लिए 3 नवंबर तय
अदालत ने दिल्ली वक्फ बोर्ड विवादित नियुक्तियों के मामले में बोर्ड के अध्यक्ष एवं विधायक अमानतुल्लाह खान व 10 अन्य के खिलाफ दायर आरोपपत्र पर संज्ञान के लिए सुनवाई 3 नवंबर तय की है। यह आरोपपत्र सीबीआई ने दायर किया है। वहीं इस से जुड़े एक अन्य मामले की सुनवाई दिल्ली सरकार की भ्रष्टाार निवारण शाखा कर रही है।

राउज एवेन्यू कोर्ट के विशेष न्यायाधीश एम के नागपाल ने हाल ही में दोनों जांच एजेंसी से पूछा था कि नियुक्तियों के मामले में दो एजेंसी कैसे जांच कर रही है। जांच अधिकारी ने अपनी रिपोर्ट में कहा कि एसीबी वर्ष 2018-19 की नियुक्तियों में अनियमितता के आरोपों से जुड़ा है। वहीं सीबीआई वक्फ बोर्ड के अध्यक्ष के तौर पर पहले कार्यकाल के दौरान अवैध भर्तियों से जुड़ा है जो मार्च 2016 से अक्टूबर 2016 के बीच की गई थीं। 

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