नई दिल्ली। कड़कड़डूमा कोर्ट ने उत्तर- पूर्वी दिल्ली दंगे के दौरान एक कारोबारी की हत्या के आरोप में गिरफ्तार चार आरोपियों को जमानत देने से इनकार कर दिया। कोर्ट ने जमानत याचिका खारिज करते हुए कहा कि इन आरोपियों को जमानत देने से संरक्षित गवाहों को खतरा हो सकता है।
अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश अमिताभ रावत ने दंगे में 48 वर्षीय प्रॉपर्टी डीलर परवेज की हत्या के मामले में चारों आरोपियों अमित कुमार, जयबीर, पवन और उत्तम मिश्रा की जमानत याचिका खारिज करते हुए कहा कि मामला बेहद अहम स्थिति में है। कोर्ट ने कहा कि प्रॉपर्टी डीलर की हत्या मामले में तीन संरक्षित गवाह हैं। इनमें उनका बेटा भी शामिल हैं। ऐसे में आरोपियों को जमानत देने से गवाहों की जान का खतरा हो सकता है, क्योंकि इन्होंने आरोपियों की पहचान की है।
25 फरवरी को उत्तर- पूर्वी दिल्ली के जाफराबाद इलाके में हुए दंगे के दौरान परवेज की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। परवेज के बेटे ने बयान दर्ज कराया है कि उनके पिता के सीने पर दायीं ओर गोली मारी गई थी, जिसके बाद उन्हें जीटीबी अस्पताल ले गए, जहां उनकी मौत हो गई। हालांकि इस मामले में पुलिस का कहना है कि परवेज के पास ़32 बोर की लाइसेंसी रिवॉल्वर थी। पुलिस को मौके से 13 कारतूस भी बरामद हुए थे, लेकिन पिस्तौल गायब थी। पुलिस का कहना था कि दंगे के दौरान जब दो समुदाय आपस में भिड़े तो उस वक्त परवेज अपनी रक्षा करने की कोशिश कर रहे थे।