राजधानी की दिल की पुलिस ने कोरोना संक्रमित 35 मरीजों की जान बचाई। निहाल विहार स्थित मनसाराम अस्पताल में रविवार को अचानक ऑक्सीजन की कमी से कोरोना संक्रमित 35 मरीजों की जान पर बन आई। काफी प्रयास के बावजूद जब अस्पताल को ऑक्सीजन की आपूर्ति नहीं हो पाई तो अस्पताल प्रशासन ने दिल्ली पुलिस से मदद मांगी।
पुलिस ने काफी मशक्कत के बाद बवाना के एक ऑक्सीजन आपूर्तिकर्ताओं से संपर्क कर दस सिलेंडर का इंतजाम किया और बाद में दस और सिलेंडर को अस्पताल को सौंप दिया। अस्पताल के निदेशक ने कीमती जान बचाने के लिए दिल्ली पुलिस को धन्यवाद दिया है। बाहरी दिल्ली के पुलिस उपायुक्त परविंदर सिंह ने बताया कि रविवार दोपहर करीब डेढ़ बजे नांगलोई-नजफगढ रोड स्थित मनसा राम अस्पताल के निदेशक डॉक्टर राजेश डबास ने दिल्ली पुलिस को फोन कर बताया कि उनके अस्पताल में उपलब्ध ऑक्सीजन की कमी हो रही है। यह एक घंटे से ज्यादा नहीं चल सकती है। उनके अस्पताल में भर्ती 35 कोरोना संक्रमित मरीजों को ऑक्सीजन की सख्त आवश्यकता है।
उन्होंने कहा कि अस्पताल प्रशासन ने ऑक्सीजन आपूर्तिकर्ताओं से संपर्क किया है, लेकिन कमी के कारण कोई भी ऑक्सीजन सिलेंडर की आपूर्ति नहीं कर पा रहा है। इस संबंध में तुरंत पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों को सूचित किया गया। जिले के अतिरिक्त पुलिस उपायुक्त सुधाशुं धामा ने कई अधिकारियों के साथ समन्वय किया और एसीपी आशीष के देखरेख में दो टीमें गठित कर उन्हें मुंडका और बवाना में आपूर्तिकर्ताओं से ऑक्सीजन सिलेंडर की व्यवस्था करने का निर्देश दिया।
बवाना के आपूर्तिकर्ता से जानकारी मिली कि महामारी की वजह से ऑक्सीजन सिलेंडर की कमी है। लेकिन मनसा राम अस्पताल में आपातकाल की वजह से पुलिस ने आधे घंटे के भीतर दस सिलेंडर का इंतजाम करने में सफल रही। निहाल विहार थाना पुलिस ने दस और सिलेंडर का इंतजाम कर 20 सिलेंडर लेकर उस वाहन को एस्कोर्ट करते हुए मनसा राम अस्पताल पहुंची। यह देखकर अस्पताल के डॉक्टर और कर्मचारी खुशी का ठिकाना नहीं रहा। अस्पताल के निदेशक ने मरीजों की जान बचाने के लिए दिल्ली पुलिस को धन्यवाद कहा।