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फर्जी कॉल सेंटर का खुलासा: अमेरिकी नागरिकों को लोन का लालच देकर करते थे ठगी, पुलिस ने ऐसे पकड़ा

Sun, 04 Jul 2021 07:50 AM IST
शाहरुख खान अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली

सार

जिला पुलिस उपायुक्त परविंदर सिंह ने बताया कि शुक्रवार को एक सूचना पर पुलिस टीम ने एक फ्लैट में छापा मारा। वहां आठ लोग फोन पर अमेरिकी नागरिकों से बात करते मिले। पुलिस ने सभी को पकड़ लिया। कॉल सेंटर चलाने वाले सरगना की पहचान बादली निवासी रविंदर के रूप में हुई। 
 
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फाइल फोटो - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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बाहरी जिला पुलिस ने पश्चिम विहार में चल रहे फर्जी कॉल सेंटर का खुलासा कर सरगना समेत आठ आरोपियों को गिरफ्तार किया है। इनमें दो युवतियां भी शामिल हैं। कॉल सेंटर से 8 सीपीयू, 6 लैपटॉप और राउटर बरामद किए हैं। आरोपी अमेरिकी नागरिकों को लोन देने का प्रलोभन देकर ठगी को अंजाम देते थे।
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जिला पुलिस उपायुक्त परविंदर सिंह ने बताया कि शुक्रवार को एक सूचना पर पुलिस टीम ने एक फ्लैट में छापा मारा। वहां आठ लोग फोन पर अमेरिकी नागरिकों से बात करते मिले। पुलिस ने सभी को पकड़ लिया। कॉल सेंटर चलाने वाले सरगना की पहचान बादली निवासी रविंदर के रूप में हुई। 

रविंदर पुलिस को कॉल सेंटर चलाने संबंधित कागजात भी नहीं दिखा पाया। अन्य आरोपियों की पहचान बादली निवासी आशीष व मुकेश, नांगलोई निवासी शुभम, पश्चिम पुरी निवासी लवन्या, उत्तम नगर निवासी मनीष आर्या, जनकपुरी निवासी शिवानी और सेक्टर-23 रोहिणी निवासी प्रज्ञा शर्मा के रूप में हुई। रविंदर ने हाल ही में फ्लैट लेकर कॉल सेंटर खोला था।
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ऐसे करते थे ठगी
जांच में पता चला कि कॉल सेंटर से अमेरिकी नागरिकों को उनके ही लहजे में लोन के लिए फोन किया जाता था। जो लोग लोन के लिए हामी भरते थे उन्हें गूगल पे कार्ड या ईबे कार्ड खरीदने के लिए कहा जाता था। ये कार्ड अमेरिका में विभिन्न उद्देश्यों जैसे जिम, खेल आदि के इस्तेमाल के लिए खरीदे जाते हैं। फिर लोन की कागजी कार्रवाई के दौरान कार्ड का पिन नंबर मांग लिया जाता था। उसके बाद कार्ड से पैसे निकाल लेते थे।
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वेतन नहीं मिला तो अपना कॉल सेंटर खोल लिया

रविंदर से पूछताछ में पता चला कि वह इससे पहले एक अन्य फर्जी कॉल सेंटर में काम करता था। जहां उसे वेतन नहीं दिया गया तो उसने कॉल सेंटर से उस सीपीयू को चुरा लिया, जिसमें अमेरिकी नागरिकों का डाटा था। उसके बाद अपना फर्जी सेंटर खोला और ठगी करने लगा।
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