दिल्ली पुलिस की अपराध शाखा ने जेएनयू के छात्र शरजील इमाम पर कानूनी शिकंजा और कस दिया है। अपराध शाखा ने जामिया नगर इलाके में हुई हिंसा मामले में भी शरजील के खिलाफ देशद्रोह व लोगों को उकसाने की धारा लगाकर अदालत में पूरक आरोप पत्र दाखिल किया है। सीएए व एनआरसी के विरोध में जामिया नगर में हुई हिंसा मामले में सिर्फ शरजील के खिलाफ ही देशद्रोह की धारा लगाई गई है।
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि शरजील के खिलाफ सबूत मिलने के बाद ये धाराएं लगाई हैं। सीएए व एनआरसी के विरोध में सबसे पहले जामिया नगर इलाके में हिंसा हुई थी। 13 दिसंबर को छुटपुट घटनाएं हुई थी, जबकि 15 दिसंबर को बड़े पैमाने पर हिंसा हुई थी।
13 दिसंबर को हुई हिंसा की एफआईआर जामिया नगर थाने में और 15 दिसंबर को हुई हिंसा को लेकर एक-एक एफआईआर जामिया नगर व न्यू फ्रेंड्स कॉलोनी थाने में हुई थीं। इन मामलों की जांच अपराध शाखा को सौंप दी गई थी। अपराध शाखा ने जामिया नगर थाने की एफआईआर (298/19) में शरजील पर देशद्रोह व उकसाने की धाराएं लगाई हैं।
अपराध शाखा के अधिकारियों के अनुसार शरजील ने 13 दिसंबर को शाम सात बजे जामिया नगर में भड़काऊ भाषण दिए थे। 15 दिसंबर दोपहर दो बजे शाहीनबाग में भड़काऊ भाषण दिया था।
शरजील ने भाषणों में कहा था कि पूरे देश में चक्का जाम कर दो ताकि पूर्वोत्तर राज्य भारत से अलग हो जाएं। इसके अलावा शरजील पांच दिसंबर से जामिया नगर, शाहीनबाग के अलावा कुछ जगहों पर मस्जिदों में उकसाने वाले पर्चे बांट रहा था। शरजील के खिलाफ भड़काऊ भाषण देने का अपराध शाखा में अलग से मामला दर्ज किया गया था। इस एफआईआर में उसके खिलाफ (यूएपीए) की धारा लगाई है।