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वरिष्ठ नौकरशाह बनकर लोगों के साथ ठगी करने वाला दबोचा

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नई दिल्ली। दिल्ली पुलिस की अपराध शाखा की साइबर सेल ने वरिष्ठ नौकरशाह बनकर सरकारी अधिकारी और स्वास्थ्य मंत्रालय का संयुक्त सचिव व एम्स का प्रोफेसर बनकर डॉक्टर आदि से ठगी करने वाले जालसाज को दबोचा है। आरोपी राष्ट्रीय स्वयंसेवक के सरकार्यवाह जोशी भैयाजी के नाम पर भी फर्जीवाड़ा करता था। भैैयाजी के नाम पर वह आर्मी के डॉक्टर व अन्य लोगों को ठगता था। आरोपी की पहचान रीवा, मध्यप्रदेश निवासी देवेन्द्र कुमार मिश्रा (44) के रूप में हुई है।
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अपराध शाखा के अतिरिक्त पुलिस आयुक्त शिबेश सिंह के अनुसार डा. प्रवीण कुमार रेड्डी ने साइबर सेल को शिकायत दी थी कि उसके पास चार अक्तूबर को देवेन्द्र मिश्रा नाम के व्यक्ति ने फोन किया। उसने खुद को एम्स और आर्मी के आरआर हॉस्पिटल में विजिटिंग फैक्लटी और नीति आयोग का सलाहकार बताते हुए उसे आरआर हॉस्पिटल के ऑफिसर मेस में मिलने बुलाया।
वह 10 अक्तूबर को मिलने अस्पताल गए। गेस्ट रूम के बाहर डॉ. देवेंद्र नीति आयोग की नेम प्लेट लगी हुई थी। बातचीत के दौरान देवेंद्र ने बताया कि वह रक्षा मंत्री और उनके मंत्रालय में तैनात नौकरशाहों से रोजाना मिलता है। वह मनचाही प्रमोशन और पोस्टिंग में मदद कर सकता है। अपने फोन में कई आर्मी के अफसरों और मंत्रियों के फोटो भी दिखाए। उसने अपने मोबाइल में भैयाजी का नंबर भी दिखाया।
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डा. प्रवीण कुमार को उस पर संदेह हुआ। मामला दर्जकर एसीपी वीकेपीएस यादव की देखरेख में इंस्पेक्टर राजीव कुमार व संदीप मल्होत्रा की टीम ने आरोपी देवेन्द्र कुमार मिश्रा उर्फ गुड्डू को उदासीन आश्रम, पहाड़गंज से पांच जनवरी को गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तारी के समय ये आरएसएस के कार्यालय में किसी से मिलने जा रहा था।
स्वास्थ्य मंत्रालय के संयुक्त सचिव का परिचय पत्र बरामद हुआ है
आरोपी के पास स्वास्थ्य मंत्रालय के संयुक्त सचिव का परिचय पत्र बरामद हुआ है। परिचय पत्र पर इसकी फोटो लगी हुई थी। एम्स के पेडियाट्रिक विभाग के प्रोफेसर का परिचय पत्र, मध्यप्रदेश के एसएस मेडिकल कॉलेज, संजय गांधी मेमोरियल कॉलेज के डॉक्टर का परिचय पत्र, 68 हजार रुपये बरामद किए गए हैं।
इससे तीन मोबाइल फोन बरामद किए गए हैं। एक फोन पालम कॉलोनी निवासी धर्मेन्द्र तिवारी और दो नंबर रीवा, मध्यप्रदेश के इसके नाम से रजिस्टर्ड हैं। इसके मोबाइल के ट्रू कॉलर पर भैयाजी के नाम आता था।
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