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लोन पर गोवा में ऐश: दंपती ने 22 करोड़ का लिया था कर्ज, चार साल से थे गायब; पुलिस ने वेब सीरीज देख दबोचा

Wed, 09 Aug 2023 06:34 PM IST
अनुज कुमार अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली

सार

दिल्ली क्राइम ब्रांच ने करोड़ों की हेराफेरी करने वाले दंपती को गोवा से दबोचा है। पिछले चार साल से पुलिस को चकमा दे रहे थे। दिल्ली पुलिस की आर्थिक अपराध शाखा ने वेब सीरिज से आइडिया लेकर दोनों को दबोच लिया। 
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दिल्ली पुलिस - फोटो : फाइल फोटो
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विस्तार
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फर्जी कागजातों के आधार पर दिल्ली के रूप नगर में एक प्रॉपर्टी पर करोड़ों का लोन लेकर गायब हुए दंपती को आर्थिक अपराध शाखा ने गोवा से दबोचा है। आरोपियों की पहचान विकास शांडिल्य उर्फ विकास शर्मा (48) और मीनाक्षी शर्मा (43) के रूप में हुई है। इन लोगों ने अपने बाकी साथियों के साथ मिलकर नॉन बैंकिंग फाइनेंस कंपनी (एनबीएफसी) से 22 करोड़ की ठगी की थी।

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विकास और मीनाक्षी ने 4.11 करोड़ रुपये लेकर पिछले चार सालों से गायब थे। पुलिस ने छानबीन की तो उनकी लोकेशन गोवा की मिली। दोनों वहां पर एक फूड चैन चला रहे थे। बार-बार पता बदलने की वजह से पुलिस को इन तक पहुंचने में खासी दुश्वारी हुई। एक वैब सीरिज से आइडिया लेकर पुलिस इन तक पहुंच ही गई। पुलिस रिमांड पर लेकर दोनों से पूछताछ कर रही है।

आर्थिक अपराध शाखा की संयुक्त आयुक्त सिंधु पिल्लई ने बताया कि एक गैर बैंकिंग वित्तीय कंपनी की शिकायत पर ठगी का मामला दर्ज हुआ था। एक समूह के कुछ लोगों ने वित्तीय कंपनी के कर्मचारियों की मिली भगत से एक प्रॉपर्टी के बदले 22 करोड़ का लोन ले लिया था। लोन लेने के बाद शुरुआत में उसकी किस्त अदा की गई। लेकिन बाद में अदाकर्ता रकम के साथ फरार हो गए।

आर्थिक अपराध शाखा ने मामला दर्ज कर छानबीन शुरू की। जांच के दौरान पता चला कि सेवा अपैरल्स नाम कंपनी रूप नगर की प्रॉपर्टी को गिरवी रखकर पांच करोड़ का लोन मांगा था। लेकिन एनबीएफसी की ओर से 4.11 करोड़ का लोन स्वीकृत हुआ। लोन की रकम को तीन अलग-अलग कंपनियों के खाते में डालकर निकाल लिया गया।
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इसके बाद विकास और उसकी पत्नी मीनाक्षी गायब हो गए। इनकी तलाश के लिए इंस्पेक्टर किशनवीर सिंह, इंस्पेक्टर शिखर चौधरी व अन्यों की टीम को लगाया गया। टेक्निकल सर्विलांस के आधार पर पता चला कि आरोपी गोवा में छिपे हुए हैं। पुलिस की टीम को गोवा भेजा गया। पुलिस ने कई स्थानों पर छापेमारी की, लेकिन हर जगह नाकामी मिली।

 
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